देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी अतिक्रमण को लेकर परेशानी में आ गए हैं। दरअसल गणेश जोशी के घर की दीवार ड्रेनेज में अतिक्रमण के कारण टूटने की आशंका जताई जा रही है। स्थिति यह है कि गणेश जोशी की इस एक दीवार के चक्कर में पूरा जिला प्रशासन उनके घर के आगे एक टांग पर खड़ा दिखाई दिया।
निगम से लेकर एसडीएम और तहसीलदार के अलावा सभी विभागों के अधिकारी भी यहां यह खोजने में जुट गए कि आखिरकार ड्रेनेज का यह गंदा पानी मंत्री की दीवार तक कैसे पहुंचा। मामला कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के सरकारी आवास का है जो की कैंट रोड पर मौजूद है। बगल में ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का भी सरकारी आवास है। यही नहीं यह वही सड़क है जहां से मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल भी अपने आवास के लिए गुजरते हैं। इसके बावजूद पूरा प्रशासनिक अमला इस बात को लेकर आशंकित है कि आखिरकार ड्रेनेज सिस्टम पर किसने अतिक्रमण किया।
हैरत की बात यह है कि शहर में वैसे तो ड्रेनेज जाम होने और अतिक्रमण के एक नहीं सैकड़ो मामले हैं, लेकिन जब बात मंत्री के घर की आई तो पूरा सरकारी अमला मौके पर सुबह से ही डटा हुआ है। विभागों के अधिकारियों ने पहुंचकर फौरन मंत्री की दीवार को बनवाना शुरू कर किया। दूसरी तरफ। स्मिता परमार की अगुवाई में एसडीएम तहसीलदार और दूसरे न जाने कितने अधिकारी यहां पर आकर ड्रेनेज के जाम होने की वजह खोजते हुए दिखाई दिए। जगह-जगह ड्रेनेज के ढक्कन खोलकर गंदे पानी को अधिकारी खुद करीब से देखने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए।अधिकारियों की यह तत्परता और गंभीरता देखकर सरकारी सिस्टम की चुस्ती भी नजर आई।
गणेश जोशी ने कहा कि उन्होंने अधिराकारियों जानकारी दी थी. ड्रेनेज की वजह से पूरे लॉन में सीवर का पानी भर गया था। जिसके बाद नगर निगम के 40 कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे.।जिसके बाद आज अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। वे भी मौके पर पहुंचकर मामले की पूरी जानकारी लेंगे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिरकार मंत्री जी को भी जब अतिक्रमण या ड्रेनेज सिस्टम की खराबी के कारण परेशान होना पड़े तो फिर आम जनता का जिले में क्या होगा।
