यूक्रेन के दो क्षेत्रों में सीजफायर पर सहमत हुआ रूस, जानें कैसे हैं हालात

रूस की सेना शनिवार से यूक्रेन के दो क्षेत्रों में सीजफाइर पर सहमत हो गई है, ताकि वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके. यह जानकारी रूस की सरकारी न्यूज एजेंसियों ने दी है. आरआईए नोवोत्सी और तास न्यूज एजेंसी ने रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के हवाले से बताया कि मॉस्को यूक्रेनी बलों के साथ कुछ निकासी मार्गों पर संघर्ष-विराम के लिए सहमत हो गया है, ताकि नागरिकों को दक्षिण-पूर्व में रणनीतिक लिहाज से अहम बंदरगाह शहर मारियुपोल और पूर्वी शहर वोल्नोवाखासे सुरक्षित निकालने में मदद मिल सके. हालांकि, यूक्रेनी सेना की तरफ से अभी संघर्ष-विराम की कोई पुष्टि नहीं की गई है और फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि निकासी मार्ग कब तक खुले रहेंगे.

क्रेमलिन ने मारियुपोल में बिजली, भोजन, पानी, हीटिंग और परिवहन में कटौती की है. स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को पहले कहा था कि तापमान में गिरावट के साथ शहर को “अवरुद्ध” किया गया था. समाचार एजेंसी एएफपी ने मेयर वादिम बॉयचेंको के हवाले से कहा, ‘अभी के लिए हम मानवीय समस्याओं के समाधान और मारियुपोल को नाकाबंदी से बाहर निकालने के सभी संभावित तरीकों की तलाश कर रहे हैं.’
इस सप्ताह की शुरुआत में खेरसॉन के पतन के बाद मारियुपोल मास्को की ओर से टारगेट किया गया दूसरा बंदरगाह शहर है. रूस का टारगेट नए कदमों के साथ यूक्रेन की समुद्र तक पहुंच को सीमित करना है जिसका युद्ध प्रभावित देश पर आर्थिक प्रभाव भी पड़ेगा.
यूके का रक्षा मंत्रालय रूस के सैनिकों की आवाजाही पर बारीकी से नज़र रख रहा है. उसने कहा है कि मॉस्को दक्षिणी बंदरगाह शहर मायोकोलाइव की ओर बढ़ रहा है. यूक्रेन ने खार्किव, चेर्निहाइव और मारियुपोल के प्रमुख शहरों पर कब्जा करना जारी रखा है. सूमी में सड़क पर लड़ाई की खबरें आई हैं. यह संभावना भी है कि चार शहरों को रूसी सेना ने घेर लिया है और पिछले 24 घंटों के दौरान तोपों से कम हमले किए गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को अपने कार्यालय से एक वीडियो पोस्ट किया ताकि उन खबरों को खारिज किया जा सके कि वह पोलैंड भाग गए हैं.

यूक्रेन के ज़ापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले के एक दिन बाद मास्को अपने अगले टारगेट पर नजर गड़ाए हुए है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि सैनिकों को युज़्नौक्रेनस्क परमाणु संयंत्र की ओर ले जाया जा रहा है, जो यूक्रेन में दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र है. रूस द्वारा न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमले के बाद एनर्जी मार्केट्स में अफरातफरी मच गई है.

यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच का कहना है कि हवाई हमले और तोप से जंग शुक्रवार को कीव के उत्तर-पश्चिम में जारी रही है और उत्तर-पूर्व में खार्किव व ओख्तिरका शहरों में बड़े हमले किए गए हैं. पिछले हफ्ते आक्रमण शुरू होने के बाद से यूक्रेन से दस लाख से अधिक लोग भाग गए हैं और दूसरे पड़ोसी देशों में शरण ली है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि देश में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शहरों पर बमबारी से इनकार किया है और कहा है कि वह “बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन शर्तों के तहत रूसी मांगें पूरी करनी हैं”.

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