उत्तराखण्ड : 60 लाख लोगों के लिए फ्री राशन में अब यह हाेने वाला है यह बदलाव

देहरादून। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत रियायती राशन पाने वाले उत्तराखंड के 60 लाख लोगों को पौष्टिक तत्वों के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। एक अप्रैल 2023 से एनएफएसए के तहत सभी कार्ड धारकों को फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। सामान्य चावल को फोर्टिफाइड रूप देने के लिए सरकार ने 11 कंपनियों का पैनल तैयार कर लिया है। वर्तमान में केवल हरिद्वार एवं यूएसनगर में ही यह योजना लागू है।

इसके साथ ही सरकार राशन की दुकानों से गेहूं-चावल के रूप में सामान्य अनाज देने के साथ-साथ दूसरे पौष्टिक पदार्थ भी सस्ते दाम पर देने पर विचार कर रही है। खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि उत्तराखंड के जरूरतमंद वर्ग के लोगों को सभी पौष्टिक तत्व मिल सकें, इसके लिए पिछले काफी समय से मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार, इस किट में उच्च गुणवत्ता का आयोडीन नमक, खाद्य तेल और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। इसे राशन कार्डधारकों को रियायती मूल्य पर दिया जाएगा।

फोर्टिफाइड चावल यानी:इस चावल को बनाने की प्रक्रिया बेहद ही सरल है। सामान्य चावल में विभिन्न खनिज, प्रोटीन, विटामिन निश्चित मात्रा में मिलाए जाते हैं। एक कुंतल चावल में एक किलो ‘एफआरके’ मिलाकर इसे फोर्टिफाइड बनाया जा सकता है, जिसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन बी-12 समेत सभी तत्व शामिल हो जाते हैं।

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पहले से है लागू

सरकारी स्कूलों में इस योजना को पहले ही लागू किया जा चुका है। पहली से 8वीं तक के छात्रों को एक अक्तूबर से मिड-डे मील में फोर्टिफाइड चावल दिया जाने लगा है। एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि बीते साल केंद्र ने फोर्टिफाइड चावल देने का निर्णय किया था। अगले साल अप्रैल से इस योजना का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है।

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