मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्लान से उत्तराखंड बना नंबर वन

देहरादून। गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की मानसखंड झांकी को पहला पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के लिए बड़ी गौरव की बात है। नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को इस बार मानसखंड की झांकी का चयन हुआ था। देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां इसमें शामिल हुई थी।

राज्य सरकार चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही है। सीएम धामी के सुझाव के बाद झांकी के लिए प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम के अलावा इसमें कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, राज्य पशु कस्तूरी मृग, राष्ट्रीय पक्षी मोर आदि पक्षियों के साथ ही ऐपन कला को प्रदर्शित किया गया था।

सोमवार को केंद्र सरकार ने झांकियों के पुरस्कार का ऐलान किया, जिसमें उत्तराखंड की झांकी पहले स्थान पर रही। टीम लीडर और संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान के नेतृत्व में झांकी में उत्तराखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य करने में पिथौरागढ़ के भीम राम के दल के 16 कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। इसी के साथ झांकी के ऊपर बारु सिंह और अनिल सिंह ने योग करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उधर, सीएम धामी ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंदपुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। देश-दुनिया में जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है। कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन मंदिरों का होगा विकास
राज्य सरकार ने पहले चरण में एक दर्जन से ज्यादा मंदिरों का संवारने का फैसला लिया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की धरती से कहा था कि यह दशक उत्तराखंड का है। राज्य सरकार ने भी वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी का देश में प्रथम स्थान पर आना बहुत बड़ी बात दर्शाता है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

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