क्यों नहीं थम रहा कोरोना का ग्राफ?

नई दिल्ली : देश में कोरोना वायरस का ग्राफ थम नहीं रहा है. बीते 14 घंटों में 11 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं. एक्टिव मामलों का आंकड़ा 50 हजार के करीब पहुंच गया है. कई राज्यों में कोविड के दैनिक मामले हर दिन बढ़ रहे हैं. केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में वायरस के केस ज्यादा आ रहे हैं. इस बीच ये सवाल भी उठता है कि कोरोना का ये चढ़ता ग्राफ कम कम होगा.

इस बारे में एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोविड केस बढ़ने के कई कारण हैं. इनमें पहला Omicron XBB.1.16 वेरिएंट हैं. ये वेरिएंट भारत के अधिकतर राज्यों में फैल चुका है. हर दिन इसके केस में इजाफा दर्ज किया जा रहा है. ये वेरिएंट पिछले सभी ओमिक्रॉन वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा संक्रामक है. चूंकि समय के साथ वायरस में म्यूटेशन होता है तो ये खुद को बदलता रहता है. इस वजह से लोग वायरस की चपेट में आ जाते हैं. कमजोर इम्यूनिटी वालों में संक्रमण से गंभीर लक्षण भी हो रहे हैं. हालांकि वायरस की वजह से मौतें नहीं हो रही हैं.

क्यों कम नहीं हो रहे मामले?
मैक्स हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग के डॉ. संजय धल बताते हैं कि लोग कोविड को लेकर गंभीर नहीं है. इस समय भी मास्क नहीं लगा रहे हैं. बाजारों में काफी भीड़ नजर आ रही है. फ्लू के लक्षण वाले मरीज भी लापरवाही कर रहे हैं. इससे वायरस फैलता ही जा रहा है. केस बढ़ने का एक बड़ा कारण लोगों की लापरावाही भी है. यही कारण है कि केस हर दिन बढ़ रहे हैं. जब तक वायरस आबादी के एक बड़े हिस्से को संक्रमित नहीं कर देता है, तब तक मामलों में इजाफा जारी रहेगा.

कई राज्यों में मास्क अनिवार्य किया गया
कोविड वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में मास्क की पाबंदी लागू की गई है. हरियाणा और केरल में सार्वजनिक जगहों पर मास्क प्रोटोकॉल लागू हो गया है. महाराष्ट्र के मुंबई में भी मास्क प्रोटोकॉल लागू हो गया है. सरकार ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि लोग कोविड को हल्के में ले रहे हैं. वायरस से बचाव के लिए मास्क काफी जरूरी है. खासतौर पर कमजोर इम्यूनिटी वालों को इस बात का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. अभी कुछ दिन संभल कर रहना होगा.

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