अब मदरसों के छात्र भी बनेंगे आईएएस, आईपीएस

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के आध्यक्ष ने किया दावा
हरिद्वार जिले के मदरसा प्रधानाचार्यों और संचालकों के साथ की बैठक

देहरादून। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने दावा किया है कि अब मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी आईएएस, आईपीएस, डॉ. और इंजीनियर बनेंगे। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण ‘एक हाथ में कंप्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान’ के सपने को साकार करने के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई योजनाओं पर काम कर रहें हैं।

शनिवार को शहीद भगत सिंह कॉलोनी स्थित उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद में मुफ्ती शमून कासमी की अध्यक्षता में हरिद्वार जिले के मदरसा प्रधानाचार्यों व संचालकों की बैठक ली गई। मदरसो की समस्याओं के संबंध में चर्चा की गई और बोर्ड की और सभी समस्याओं का शीघ्र निदान करने का आशवासन दिया गया।

कासमी ने कहा कि शासन के सभी नियमों और निर्देशों का पालन किया जाए, मदरसा छात्रों की उचित देखभाल की जाए, कक्षाओं का उचित स्वास्थ्य और स्वच्छता और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुफ्ती शमून कासमी ने कहा की मदरसा के छात्रों को पारंपरिक इस्लामी शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जाएगी ताकि मदरसा के छात्रों वर्तमान समय की जरूरतों को पूरा कर सकें।

बोर्ड उत्तराखंड मदरसों में कौशल शिक्षा शुरू करने की योजना बना रहा है। उत्तराखंड के मदरसों में कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। जिसका लाभ उठा कर मदरसा छात्र भी आईएएस, आईपीएस, डॉ. और इंजीनियर बन सकंगे। बैठक के दौरान डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अब्दुल यामीन, मोहम्मद खुर्शीद, हारुन रशीद आदि मौजूद थे।

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