सस्ते में कार-मोबाइल… क्राइम ब्रांच अफसर बन लोगों को ठगता था ये शख्स

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक शातिर ठग को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले इस शख्स ने लोगों को यह कहकर ठगा कि वह उन्हें दिल्ली की एक अदालत के परिसर में होने वाली नीलामी में बेहद कम कीमत पर कार और मोबाइल दिला सकता है. आरोपी खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताता था और कोर्ट परिसर में पैसे लेकर फरार हो जाता था.

उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान अयूब खान के रूप में हुई है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक उन्हें 29 जनवरी को दीपक चौधरी के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली थी जो खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहा था. डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ) मनोज कुमार मीणा ने बताया, ‘शिकायतकर्ता ने कहा कि 2 जनवरी को तेजस राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा करते समय उसकी मुलाकात चौधरी से हुई थी, जिसने उन्हें बताया कि दिल्ली की एक कोर्ट में नीलामी के लिए कुछ कारें हैं.’

5.30 लाख में टोयोटा इनोवा क्रिस्टा दिलाने का वादा

अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसे 5.30 लाख रुपए की कीमत पर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा मिल सकती है और कार खरीदने के लिए उसे तीस हजारी कोर्ट आना होगा. डीसीपी ने कहा, ’29 जनवरी को शिकायतकर्ता अदालत पहुंचा, जहां चौधरी ने उससे 2.50 लाख रुपए देने को कहा और कार खरीदने के लिए उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया. इसके बाद चौधरी वहां से फरार हो गया और अपना मोबाइल बंद कर लिया.’

एप्पल मोबाइल के नाम पर लगाया 1.50 लाख का चूना

अधिकारी ने कहा कि इसी तरह की एक और घटना में 14 मार्च को एक व्यक्ति ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी दीपक चौधरी बताते हुए तीस हजारी कोर्ट में एक नीलामी से दो एप्पल आईफोन दिलाने का वादा करके एक व्यक्ति से 1.50 लाख रुपए की ठगी की थी. पुलिस ने कहा कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी की पहचान की. एक टीम का गठन किया गया और आरोपी को पूर्वी विनोद नगर से गिरफ्तार कर लिया गया.

पूछताछ में बताया असली नाम

डीसीपी ने कहा, ‘खुद को दीपक चौधरी बताने वाले आरोपी से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना असली नाम अयूब खान बताया.’ उसके घर से दिल्ली पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड, नकली पैंट और जूते जब्त किए गए हैं. पूछताछ के दौरान खान ने कहा कि वह बेरोजगार है और अक्सर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर ठगी करता था. डीसीपी ने बताया कि वह लैविश लाइफस्टाइल का शौकीन है और दिल्ली, मुंबई के बार, रेस्तरां में जाता रहता है. उसके पास आजीविका का कोई निश्चित साधन नहीं है इसलिए उसने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया.

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