POK में 4 दिन बाद भी नहीं थमी हिंसा, आखिर कैसे शुरू हुआ बवाल

नई दिल्ली: पीओके पिछले चार दिनों से हिंसा की आग में जल रहा है. इसकी शुरुआत बीते शुक्रवार को ही हो गई थी, जब पाकिस्तान की पुलिस ने जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के 70 सदस्यों को बगैर किसी सूचना के गिरफ्तार कर लिया. पीओके में हिंसा की आग इस कदर बढ़ चुकी है कि अब पाकिस्तान सरकार के कंट्रोल से बाहर होती दिख रही है. इसी बीच नवाज शरीफ ने पीएमएल-एन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया. उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को सब्सिडी पैकेज की बात करके पाओके के लोगों को मानाने की कोशिशि की, लेकिन घाटी के लोगों ने इस झांसे से साफ इनकार कर दिया.

पाकिस्तान और पीओके का मामला कोई नया नहीं हैं, लंबे अरसे से पीओके के लोग आजादी की मांग करते आए हैं. इसके अलावा पाकिस्तान की इस समय माली हालत ठीक नहीं है. आईएमएफ ने हाल में अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान दिवालिया होने के रास्ते पर चल रहा है. ऐसे में पाकिस्तान के लोगों के सामने महंगाई की समस्या आ गई है. पाकिस्तान की सरकार ने ऐसी स्थिति में सब्सिडी देना भी बंद कर दिया है और उसका पूरा ध्यान पंजाब और अपने मूल प्रांतों पर है. पाकिस्तान पीओके में बिजली का उत्पादन करता है और सीधे पंजाब भेज देता है, और पीओके में बिजली की समस्या है. पाकिस्तान ने पीओके को अपनी हालत पर छोड़ दिया है, जिसकी वजह से पीओके के लोग पाकिस्तानी हुकूमत से काफी नाराज हैं.

कैसे शुरू हुआ विवाद

महंगाई कम करने और सब्सिडी की मांग को लेकर पीओके के व्यापारी संगठन जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने शनिवार को मुजफ्फराबाद और मीरपुर समेत पूरे पीओके में रैली निकालने का निर्णय लिया था. इस रैली से पाकिस्तान की हुकूमत इतना घबरा गई कि उसने पाकिस्तानी पुलिस को भेजकर संगठन के 70 से अधिक सदस्यों को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को ही लोग सड़कों पर आ गए. इस दौरान पाकिस्तानी फोर्स और पीओके की जनता के बीच विवाद शुरू हो गया और कई जगहों पर हिंसक झड़प हुई. इस दौरान भारी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए. वहीं कई पुलिस कर्मियों की भी लोगों ने जमकर पिटाई की. इस झड़प के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किए जा रहे हैं.

सोमवार को 4 लोगों की हुई मौत

एक्शन कमेटी के सदस्यों की गिरफ्तारी के बावजूद शनिवार को प्रदर्शन कमजोर नहीं हुआ. मुजफ्फराबाद में शनिवार को हजारों लोग सड़क पर उतर आए और दुकानों को बंद करा दिया. इस दौरान पाकिस्तानी फोर्स ने बलपूर्वक प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद सोमवार को पाकिस्तानी रेंजर्स ने लोगों पर गोलियां चला दी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई.

पीओके में 90 से ज्यादा घायल

पीओके और पाकिस्तान पुलिस के बीच चल रहे गुरिल्ला युद्ध में 90 से अधिक लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है. इस बीच पुलिस जनता को पीट रही है और जनता पुलिस को पीट रही है. कुछ पाकिस्तानी तो पीओके के साथ भारत के जम्मू-कश्मीर से तुलना करते हुए वीडियो साझा कर रहे हैं. इनका कहना है आजाद कश्मीर से तो बढ़िया भारत के कश्मीर की हालत है, वहां अमन और शांति है.

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