डॉ. दिवेश मौत मामले में एसपी सिटी से मिले एनएसयूआई कार्यक्रता

देहरादून। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह तोमर के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसपी सिटी देहरादून को एसजीआरआर कॉलेज के एमडी के छात्र डॉ. दिवेश गर्ग मौत मामले में मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि विगत शुक्रवार 17 मई 2024 को एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के एमडी के छात्र डॉ. दिवेश गर्ग की संदिग्ध हालत में मौत हो गयी थी।

एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के एमडी के छात्र डॉ दिवेश गर्ग की संदिग्ध मौत को लेकर भी तमाम जिम्मेदार लोग यह बात बेहद आसानी से कह दे रहे हैं कि उसने आत्महत्या की है, मगर एक होनहार और महत्वकांक्षी छात्र की मौत को किसी भी दशा में हल्के में नहीं लिया जा सकता। क्योंकि, यह मौत बताती है कि कुछ तो उसके साथ ऐसा हुआ, जिसका समाधान ढूंढना उसे जिंदगी से भी भारी लगा होगा।

आरोप है कि कॉलेज प्रशासन बार-बार एमडी के छात्र डॉ. दिवेश गर्ग पर फ़ीस का दबाव बना रहे थे। एमडी के छात्र डॉ दिवेश गर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद वहाँ के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्र कॉलेज प्रशासन पर शोषण का आरोप लगा रहे हैं।

शनिवार से ही छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष न सिर्फ जमकर अपना गुस्सा जाहिर किया, बल्कि प्रिंसिपल पर आरोप लगाया कि काम के नाम पर जूनियर रेजिडेंट्स को प्रताड़ित किया जाता है। छात्रों ने इस मौत के पीछे कॉलेज प्रशासन से मिलने वाले अनावश्यक दबाव को वजह बताया है। लगातार बड़ी संख्या में जुटे मेडिकल छात्र कॉलेज प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे है।

जल्दी ही एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में एमडी के छात्र डॉ. दिवेश गर्ग की मौत की गहनता से जाँच हो और मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाया जायें व दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा हो ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान प्रदीप सिंह तोमर, अरुण टम्टा, मुकेश बसेरा, पीयूष तोमर व देवाशीष कन्याल समेत कई कार्यकर्ता मोज़ूद रहे।

श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट व महंत इन्दिरेश अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे मेडिकल कॉलेज के छात्रों के विरूद्ध कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल सहित श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के सभी
संघटक कॉलेजों के परिसर में किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन पूर्णतः निषेध रहेगा। कोई भी छात्र-छात्रा व अन्य अस्पताल, मेडिकल कॉलेज की सेवाओं को बाधित नहीं करेगा।

श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट एसपी सिंह ने जानकारी दी कि कोर्ट के आदेश के अनुसार अस्पताल परिसर व मेडिकल कॉलेज परिसर में शांति भंग, नारेबाजी पर पूर्णतः रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति या छात्र अस्पताल के यातायात को बाधित नहीं करेगा। पुलिस ने छात्र-छात्राओं को समझाते हुए कड़ी चेतावनी भी दी है कि यदि अस्पताल परिसर व मेडिकल कॉलेज में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता की गई तो सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी तरफ पुलिस डॉ. देवेश की आत्महत्या प्रकरण की जॉच कर रही है। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज ने पुलिस अधिकारियों को भरोसा दिलाया है कि पुलिस को जांच में हर तरीके का सहयोग दिया जाएगा। कॉलेज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आत्महत्या करने वाले डॉ देवेश गर्ग के मोबाइल की कॉल डिटेल व उसके बैच के साथियों की कॉल डिटेल की गहनता से जॉच की जाए।

कॉलेज ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पत्र लिखकर व सभी उपलब्ध साक्ष्यों को देकर घटना की निष्पक्ष जॉच के लिए प्रार्थना की है। ताकि ऐसी घटनाओं की पुर्नवृति न हो और अनावश्यक रूप से अस्पताल की सेवाओं और मरीजों को परेशानी न हो। मेडिकल कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण दूषित न हो।

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