कर्ज में दबे छत्तीसगढ़ पर भारी पड़ेंगे चुनावी वादे!

रायपुर: छत्तीसगढ़ के विधानसभा के चुनाव में राजनीतिक पार्टियों ने बड़ी बड़ी घोषणाएं की हैं। चाहे कर्ज माफी की बात हो महिलाओं को सालाना पैसे देने की, किसानों से धान…

मध्य प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश, अब तेजी से बढ़ेगी ठंड!

भोपाल:  मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बेमौसम बरसात शुरू हो गई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिली है। इस दौरान…

पिछले 4 चुनाव में मैजिक नंबर नहीं छू पाई कांग्रेस, कैसे BJP की एंट्री से बदला खेल

जयपुर : राजस्थान में आजादी के बाद से अब तक हुए 15 विधनसभा चुनावों में 10 बार सरकार बनाकर कांग्रेस ने अपना दबदबा कायम किया और अब तक उसे केवल चार…

कर्ज लेकर भूपेश बघेल ने कराई खेती, जानिए सीएम पर कितना है लोन?

रायपुर : विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज पाटन विधानसभा क्षेत्र में अपने निवास स्थान पहुंचे। वहां सीएम बघेल ने अपने खेत पहुंचकर पूजा-अर्चना…

बीजेपी-कांग्रेस ने क्यों भुलाया ‘शराबबंदी’ का मुद्दा?

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शराबबंदी वह मसाला है जो पिछले चुनाव साल 2018 के दरमियां जमकर चर्चा में रहा। साल 2023 में एक बार फिर से यह विपक्ष के लिए चुनावी…

राजस्थान में बंपर वोटिंग किस पार्टी के लिए है शुभ संकेत, जानिए

जयपुर : राजस्थान में 30 वर्षों से हर चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन होता आया है। इन 6 चुनावों में 4 बार मतदान प्रतिशत बढ़ा और 2 बार कम हुआ…

योगी ने अब भी मंत्री नहीं बनाया तो क्या करेंगे ओपी राजभर?

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार में शामिल होने की अटकलों के बीच, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री पद उनके लिए ‘बहुत…

अखिलेश यादव की पार्टी तोड़ने के लिए क्या कर रही है कांग्रेस!

यूपी में मृतप्राय कांग्रेस इन दिनों अपना परिवार बढ़ाने में जुटी है. दशकों तक यूपी और दिल्ली में राज करने वाली कांग्रेस हाशिए पर है. न संगठन बचा न पार्टी…

नतीजे से पहले एक्शन में कांग्रेस, अधिकारियों की बनवा रही लिस्ट

भोपाल: मध्य प्रदेश में फिलहाल विधानसभा चुनाव के नतीजे नहीं आए हैं लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस पार्टी ने मान लिया है कि उसकी ही सरकार बनने वाली है. पार्टी…

अखिलेश ने बनाया कांग्रेस को ‘सबक सिखाने’ का प्लान

नई दिल्ली: राजनीति में कल क्या हो जाए! दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है. अब इसे सियासत का धर्म कहिए या फिर मर्म. साथ रहने वाले अलग हो…