‘लम्हे जो समय के बहाव में छूट गए’… दूसरी कड़ी

दीपेंद्र सिवाच ऑल इंडिया रेडियो देहरादून में कार्यरत उसे इस मझोले शहर में आए लगभग दो महीने हो चले थे और वो अब कुछ कुछ सहज होने लगा था। एक…