नई दिल्ली: अंडोरा फ्रांस और स्पेन के बीच पाइरेनीस पहाड़ों में बसा एक छोटा सा देश है. यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है, इसलिए पर्यटक फ्रांस के टूलूज़ एयरपोर्ट या स्पेन के बार्सिलोना एयरपोर्ट पर उतरते हैं. वहां से कार या बस से 2-3 घंटे में अंडोरा पहुंचा जा सकता है. स्कीइंग और ड्यूटी-फ्री शॉपिंग के लिए मशहूर अंडोरा जाने के लिए भारतीयों को शेंगेन वीजा की जरूरत होती है.
अंडोरा वीजा नियम
अंडोरा की अपनी वीजा प्रणाली नहीं है, क्योंकि यह शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है. लेकिन, इसे फ्रांस या स्पेन से होकर गुजरना पड़ता है, जो शेंगेन देश हैं. भारतीय पर्यटकों को शेंगेन वीजा प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जो 90 दिनों के लिए वैध होता है. इस वीज़ा की मदद से आप आसानी से एंडोरा की यात्रा कर सकते हैं.
मोनाको की शाही शैली
मोनाको फ्रेंच रिवेरा पर स्थित एक छोटा, खूबसूरत देश है, जिसमें कोई एयरपोर्ट नहीं है. पर्यटक फ्रांस के नाइस एयरपोर्ट पर उतरते हैं और कार, बस या हेलीकॉप्टर से मोनाको पहुंचते हैं. यह देश कैसीनो, फॉर्मूला वन रेस और लग्जरी लाइफ के लिए मशहूर है. मोनाको जाने के लिए भारतीयों को फ्रांस के शेंगेन वीजा की जरूरत होती है.
मोनाको की वीजा प्रणाली
मोनाको में अलग से वीजा प्रणाली नहीं है, और यह फ्रांस के वीजा नियमों का पालन करता है. भारतीय नागरिकों को शेंगेन वीजा प्राप्त करना होता है, जो मोनाको में 90 दिनों के लिए वैध होता है. मोनाको नाइस से सिर्फ 30 मिनट की ड्राइव दूर है, जो इसे एक आसान गंतव्य बनाता है. इस वीजा के साथ, आप फ्रांस और मोनाको दोनों की यात्रा कर सकते हैं.
लिकटेंस्टीन का शांतिपूर्ण वातावरण
लिकटेंस्टीन स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच एक छोटा सा देश है, जहाँ कोई एयरपोर्ट नहीं है. निकटतम एयरपोर्ट ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) में है, जो 120 किमी दूर है. वहां से ट्रेन या कार से लिकटेंस्टीन पहुंचना आसान है. इसके महल और पहाड़ी दृश्य पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं.
लिकटेंस्टीन वीज़ा नियम
लिकटेंस्टीन शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए भारतीयों को शेंगेन वीज़ा की ज़रूरत होती है. 90 दिनों से कम समय के लिए रहने पर शेंगेन सी-वीज़ा लेना पड़ता है और ज़्यादा दिनों के लिए डी-वीज़ा लेना पड़ता है. ट्रेन या बस से 2 घंटे में ज्यूरिख पहुंचा जा सकता है. यह वीज़ा आपको पूरे शेंगेन क्षेत्र में घूमने की आज़ादी देता है.
वेटिकन सिटी की धार्मिक यात्रा
वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है, जो रोम के अंदर स्थित है और यहाँ कोई एयरपोर्ट नहीं है. पर्यटक रोम के फ़्यूमिसिनो या सियाम्पिनो एयरपोर्ट पर उतरते हैं और कार, बस या पैदल वेटिकन पहुँचते हैं. सेंट पीटर्स बेसिलिका और सिस्टिन चैपल इसे ख़ास बनाते हैं. भारतीयों को शेंगेन वीज़ा की ज़रूरत होती है.
वेटिकन वीज़ा सिस्टम
वेटिकन सिटी में अलग से वीज़ा सिस्टम नहीं है और यह इटली के शेंगेन वीज़ा नियमों का पालन करता है. भारतीय पर्यटकों को इतालवी शेंगेन वीज़ा प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जो 90 दिनों के लिए वैध होता है. रोम से वेटिकन तक पहुँचना आसान है क्योंकि यह शहर के ठीक बीच में स्थित है. यह वीज़ा धार्मिक और ऐतिहासिक यात्रा को आसान बनाता है.
सैन मैरिनो के ऐतिहासिक आकर्षण
सैन मैरिनो इटली से घिरा एक पुराना गणराज्य है और इसका कोई हवाई अड्डा नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा रिमिनी (इटली) में है, जो 45 मिनट की ड्राइव दूर है. इसके किले और पहाड़ी दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. भारतीयों को सैन मैरिनो जाने के लिए इतालवी शेंगेन वीज़ा की आवश्यकता होती है क्योंकि मार्ग इटली से होकर जाता है.
