नई दिल्ली: भविष्य के लिए पैसे सेव करते वक्त पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) यानी PPF निवेश (PPF Investment) एक शानदार ऑप्शन है. इसमें सरकारी गारंटी के साथ रिटर्न मिलता है. हालांकि, PPF पर मिलने वाले ब्याज का कैलकुलेशन (Interest Calculation on PPF) को समझना बहुत जरूरी है. नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही अगर PPF में निवेश किया जाए तो जबरदस्त ब्याज मिलता है. इसमें अप्रैल की 5 तारीख का खास रोल है. सवाल ये है कि आखिर 5 तारीख को इस अकाउंट में ऐसा क्या (How to invest in PPF) होता, कि हर PPF अकाउंट होल्डर को इसे समझना जरूरी है? आइए जानते हैं.
PPF में कितना मिलता है ब्याज?
PPF खाते में निवेश करने पर आपको 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. हर बार वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल के महीने से स्मॉल सेविंग स्कीम के रेट बदलते हैं, लेकिन सरकार ने इस बार भी पीपीएफ की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. छोटी बचत योजनाओं और पीपीएफ पर दिए जाने वाले ब्याज का सरकार हर तिमाही में रिवाइज करती है और जरूरत के हिसाब से उसमें बदलाव करती है.
अब समझें PPF में 5 तारीख का फंडा
पीपीएफ पर ब्याज दरों का कैल्कुलेशन मासिक आधार पर होता है. हालांकि, इस ब्याज को वित्त वर्ष के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है. पीपीएफ पर कितना ब्याज मिलेगा, इसकी गणना में 5 तारीख अहम रोल निभाता है. हर महीने की 5 तारीख और आखिरी तारीख (30 या 31) के बीच पीपीएफ खाते के सबसे कम बैलेंस पर ब्याज दिया जाता है. यही वजह है कि 5 तारीख को या उससे पहले पीपीएफ में निवेश कर देना चाहिए, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा ब्याज का फायदा मिल सके.
उदाहरण से समझें
मान लेते हैं कि आपने 5 अप्रैल को या उससे पहले पीपीएफ में 1.5 लाख रुपए डाले. ऐसे में 7.1 फीसदी की दर से आपको मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कुल 10,650 रुपए का ब्याज मिलेगा. वहीं, अगर आप ये पैसे 6 अप्रैल या उसके बाद किसी दिन डालते हैं तो आपको इस वित्त वर्ष के सिर्फ 11 महीनों के लिए ब्याज मिलेगा. इस स्थिति में 9,763 रुपए ब्याज मिलेगा. मतलब आपको ऐसी स्थिति में 887 रुपए का कम ब्याज मिलेगा.
एक ही बार निवेश कर दें या हर महीने करें?
PPF पर अगर आपको ज्यादा ब्याज कमाना है तो अच्छा होगा कि आप वित्त वर्ष की शुरुआत में एक ही बार पूरा पैसा डाल दें. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप 5 अप्रैल को या उससे पहले ही पूरे साल के लिए 1.5 लाख रुपए निवेश कर देते हैं तो आपको पूरे पैसे पर ब्याज मिलेगा. वहीं, अगर आप हर महीने किस्तों में पैसे जमा करते हैं तो मिलने वाला ब्याज कम हो जाएगा. तो अगर आपके पास पैसे हैं तो एक ही बार में निवेश करना फायदेमंद रहेगा, जबकि अगर ज्यादा पैसे नहीं हैं तो आप हर महीने निवेश करने वाले तरीके को चुन सकते हैं.