मध्य प्रदेश के सबसे बड़े दफ्तरों में एक राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन में हुए अग्निकांड ने सियासत में आग लगा दी हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णन के बयान ने इस आग में और घी का काम कर दिया। मौका देख आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर एंट्री मारी।
राजधानी भोपाल का 6 मंजिला सतपुड़ा भवन के अंदर का हाल भीषण अग्नि हादसे में अब खंडहर सा नजर आ रहा हैं। तीसरी मंजिल से भड़की आग ने छटवीं मंजिल तक ऐसा विकराल रूप धारण किया कि लोकल लेवल पर आग बुझाने के सारे संसाधन बौने साबित हुए।
इस अग्निकांड की राख ठंडी होने के पहले कांग्रेस ने ट्वीटर पर बयानों की झड़ी के साथ हादसे वाली जगह पहुंचकर सियासत में भी आग लगा दी हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर कांग्रेसी विधायक चौतरफा बीजेपी सरकार पर हमले पर हमले कर रहे हैं।
फौरी तौर पर सरकार पर आरोप मड़े जा रहे है कि यह हादसा साजिशन हुआ। बिल्डिंग के एक फ्लोर पर कुछ जांच एजेंसियों और स्वास्थ्य समेत महत्पूर्ण विभागों के दफ्तर थे। जिसमें जांच वाले दस्तावेज भी आग में स्वाहा हो गए। कुछ ऐसा ही दिसंबर 2018 में भी हुआ था।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि कई भ्रष्टाचार की चल रही जांच के दस्तावेज जलाने के लिए यह अग्निकांड हुआ। उन्होंने स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की। बोले कि यह खुलासा होना चाहिए कि घटना में जो फ़ाइले जली, वो 12 हजार ही थी या उससे ज्यादा।
चल रही हनुमान जी की गदा
वहीं आचार्य प्रमोद कृष्णन ने अपने एक ट्वीट ने और आग में घी डालने का काम कर दिया। कृष्णन ने तंज कसते हुए लिखा कि- हनुमान जी महिमा अपरंपार हैं। कर्नाटक से सीधे भोपाल पहुंच गए और लंका-दहन शुरू’। इसके अलावा उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया। जिसमें वह बोलते नजर आए कि ‘भगवान श्री राम और हनुमान जी के नाम जितना माल इकठ्ठा किया, एक-एक पाई का हिसाब देना पड़ेगा’। सरकार पर इशारा किया कि हनुमान जी की गदा से अब आपको कोई नहीं बचा सकता।
BJP बोली हादसों पर अवसर तलाशने वाली Congress
इधर हादसे की खबर लगते ही सीएम शिवराज सिंह अलर्ट मोड में आ गए थे। आग बुझाने के लिए सेना को तक कॉल लिया। बिना देर किए मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बना दी और जांच शुरू हो गई हैं। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया। नरोत्तम ने कहां कि इस हाईटेक युग में किसी भी तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट होने का सवाल ही नहीं उठता। सभी डाटा री-स्टोर कर लिया जाएगा। कांग्रेस हमेशा ऐसे हादसों के वक्त रानजीति करने का अवसर तलाशती हैं।