मप्र उपचुनाव में जीत के लिए कांग्रेस इस रणनीतिकार को देगी जिम्मेदारी, कभी थे पीएम मोदी के करीबी

आनंद अकेला की रिपोर्ट
भोपाल। कांग्रेस मध्यप्रदेश के उपचुनाव में जीत के लिए किसी भी तरह की कोई कसर बाकी रखना नहीं चाहती है। उपचुनाव में जीत के लिए रणनीति बनाने का काम अब कांग्रेस ने रणनीतिकार प्रशांत किशोर को सौंपने की तैयारी कर रही है। प्रशांत किशोर की एजेंसी अपने रणनीति के जरिए विरोधी खेमे को आसानी से परास्त करती आई है। प्रशांत किशोर वर्ष 2014 में केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी और वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी थे।
गौरतलब है कि 15 साल बाद सत्ता में लौटी और महज 15 महीनों में सत्ता छोड़ने को मजबूर ही कांग्रेस 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कोई कमी रहने देना चाहती। कांग्रेस महाराज और उनके समर्थकों सहित बीजेपी को सबक सिखाने के लिए अब प्रदेश में उपचुनाव पर रणनीति की कमान प्रशांत किशोर को सौंपने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रचार अभियान की कमान संभालने के लिए पार्टी ने तीन कंपनियों के प्रस्ताव पर विचार किया था। जिसमें प्रशांत किशोर के नाम पर मुहर लगी है। गुरुवार को कांग्रेस ने प्रशांत किशोर के नाम पर सहमति बनाकर ये तो बता दिया है कि वो उपचुनाव को हल्के में नहीं लेने वाली है। प्रशांत किशोर एक प्रखर रणनीतिकार हैं। बता दें कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय भी किशोर को दिया जाता है। वहीं पिछले विधानसभा (2018) चुनाव में भी प्रशांत ही कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने वाले मुख्य रणनीतिकार थे। बिहार में भी नितीश कुमार को जीत दिलाने में किशोर की भूमिका रही थी। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सिंधिया और उनके समर्थक कांग्रेस के बागी नेताओं को घेरने की तयारी में जुट गयी है। ग्वालियर चम्बल में लगातार कांग्रेस नए विकल्प तलाश रही है। इसके साथ ही कांग्रेस का वॉर रूम भी अब भोपाल की जगह ग्वालियर में होगा गौरतलब है कि मार्च माह में प्रदेश की सत्ता पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुकी थी। जहाँ ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होते ही कांग्रेस के 22 विधायकों ने अपनी पार्टी से रोष दिखाते हुए इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद प्रदेश में कमलनाथ की सत्ता गिर गयी थी। और प्रदेश में वापस शिवराज की वापसी हुई थी। अब इन 24 सीटों पर कांग्रेस का वापस सत्ता में लौटना निर्भर करता है। देखना दिलचस्प है की प्रशांत किशोर की राजनीति कांग्रेस को कहाँ लेकर जाती है।
प्रदेश के सभी बड़े चेहरों को एकजुट करने की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस इसके साथ ही अपने सभी बड़े चेहरों को एकजुट करने में जुटी हुई है। पार्टी इस उपचुनाव में हर सीट से सशक्त उम्मीदवार को उतारने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा अपने वार रूम को भी पहले के मुकाबले काफी सशक्त बना रही है। कुछ दिन पहले ही प्रदेश कांग्रेस ने बड़े नेताओं को सीटवार जिम्मेदारी सौंप दी। इसके अलावा सभी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर एकजुट होकर तैयार रहने को कह रही है।

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