युवाओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का दिया संदेश
देहरादून। गढ़जन आदर्श रामलीला कमेटी, हर्रावाला की ओर से आयोजित चौथी रामलीला का शुभारंभ सोमवार को देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और रामलीला के माध्यम से मिलने वाली सीख को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि सौरभ थपलियाल ने कहा कि वर्तमान समय में रामलीला का आयोजन करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि रामलीला को केवल देखने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसके पात्रों के आदर्शों को अपने जीवन में भी अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से भाईचारे, त्याग और मर्यादा की सीख मिलती है। माता सीता का चरित्र पति-पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण और विश्वास का संदेश देता है, जबकि हनुमान जी की भक्ति हमें निष्ठा, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देती है। रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को समाज और विशेषकर युवाओं तक पहुंचाया जा सकता है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र राणा ने बताया कि रामलीला के पहले दिन रावण तपस्या, कैलाश लीला और भगवान श्रीराम के जन्म का मंचन किया गया। उन्होंने कहा कि रामलीला के आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज में अच्छे संस्कारों का प्रसार करना है। रामलीला के निर्देशक सुनील नौटियाल ने बताया कि आयोजन की तैयारियां करीब एक महीने पहले से चल रही थीं।
युवा कलाकारों और महिलाओं में विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने को लेकर खासा उत्साह था। सभी कलाकारों ने एक महीने तक नियमित रिहर्सल कर अपनी भूमिकाओं की तैयारी की। अब कलाकार मंच पर अपने अभिनय के माध्यम से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन अवसर पर ठाकुर दिनेश सिंह, हरीश अग्रवाल, रणवीर सिंह, दिनेश प्रसाद, गोपाल दत्त, देशराज सिंह रावत, रघुनाथ सिंह नेगी, आचार्य हरीश खंतवाल, यशवंत सिंह रावत, पुष्पा पसबोला, मनवर सिंह नेगी, प्रकाश चंद भट्ट, दिनेश डंपा, अनीता रावत, जगदीश और जेपी खंडूड़ी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
