उत्तराखंड : 28 जून को होने वाली नर्सिंग भर्ती परीक्षा फिर पोस्टपोंड, जून में होगी अब,हर जिले में दे सकेंगे अब परीक्षा 

देहरादून: आगामी 28 मई को होने वाली नर्सिंग भर्ती परीक्षा को कोविड-19 के चलते सरकार ने निरस्त कर दिया है । ताजा आदेशों के अनुसार अभी परीक्षा जून की द्वितीय व तृतीय सप्ताह में संभावित होगी. लेकिन अब हर जनपद में होगी, यानी के पहले देहरादून और हल्द्वानी में होनी थी परीक्षा,लेकिन कोरोना के कारण आने जाने में समस्या होने की वजह से अब परीक्षार्थी अपना शहर चुन सकता है और हर सिटी का कोड दिया गया है. उसी अनुसार वह अपने सिटी के परीक्षा केंद्र से परीक्षा दे सकता है.

परीक्षा की तिथि बाद में घोषित होगी. आपको बता दें इस परीक्षा के लिए परीक्षार्थी लगातार विरोध कर रहे थे प्राविधिक शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव की तरफ से जारी आदेश में बताया गया है की फिलहाल परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है आपको बता दें कि कुल 2621 पदों के लिए 9001 उम्मीदवारों ने आवेदन किया हुआ था लेकिन कोविड-19 के चलते फिलहाल इसे निरस्त कर दिया कर दिया गया है।क़ई नर्सों संविदाकर्मियों की माँग है कि वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति की जाए । उनका कहना हैैै कि हिमाचल प्रदेश में भी 2016 में एक आदेश जारी हुआ था जिसमे संविदा में 5 साल पूरे कर चुके संविदाकर्मियों को नियमित किया जा चुका है। वहीं इन संविदाकर्मियों का मामला कोर्ट में भी चल रहा है जिसमे इनके द्वारा वर्षवार वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति करने की मांग चल रही है। बताया जा रहा है कि अब आगामी 27 मई को कोर्ट में भी इसका फैसला आना है।

गौरतलब है की आपदा ग्रस्त राज्य होने की वजह से राज्य में नर्सिंग स्टाफ की काफी वैकंसी हैं. लेकिन सरकार अभी तक भर्ती नहीं करवा पायी है, ऐसे में राज्य के डिप्लोमा,डिग्री धाराक युवा या तो ओवर एज यानी उम्र निकल चुकी है इन्तजार में. या वे इधर उधर छोटी-मोटी नौकरी करने में लगे हुए हैं. जबकि कम से काम 5000 नर्सों की जरुरत है राज्य में. कम से कम 2000 डॉक्टर्स तब कहीं जा कर राज्य हेल्थ के मामले में आगे आ पायेगा. हेल्थ स्टाफ के मामले में सरकार को गंभीर हो कर सोचना चाहिए. खुद सीएम कह चुके हैं मानव संसाधन की कमी है. डीजी हेल्थ और नर्सिंग काउंसिल में सभी राज्य के नर्सों का रिकॉर्ड मौजूद है. दस्तावेज भी मौजूद हैं अनुभव लेटर भी लगा हुआ है. ऐसे में सरकार को उनको बुलाना चाहिए जल्द से जल्द. जो मौजूदा वक्त की मांग भी है.

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