उत्तराखंड : BJP की चुनावी तैयारियों की थाह लेगी RSS, कांग्रेस पर भी रखेगी नजर

देहरादून l उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब अगले साल होने वाली विधानसभा चुनाव की जंग को फतह करने के लिए बीजेपी के साथ आरएसएस भी सक्रिय हो गया है. बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष गुरुवार को पार्टी की चुनावी तैयारियों की थाह लेंगे. प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं के अलावा अलग-अलग बैठक करेंगे. मिशन-2022 के रोड मैप पर संगठन की अब तक की प्रगति की जानकारी लेंगे जबकि बुधवार को आरएसएस की समन्वय बैठक में उन्होंने हिस्सा लिया.

बीएल संतोष संगठन के पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठक लेंगे. बैठक की शुरुआत सोशल मीडिया टोली बैठक से होगी. इसके अलावा पांच समूहों की एक अन्य बैठक होगी. बीजेपी सोशल मीडिया वालंटियर्स के साथ चर्चा करेंगे. इस बैठक में पार्टी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री और महामंत्री शामिल होंगे. माना जा रहा है कि पिछले दिनों रामनगर के चिंतन बैठक में तय हुए एजेंडे के अनुरूप अब तक किए गए कार्यों की प्रगति का बीएल संतोष आकलन करेंगे.

कांग्रेस की रणनीति पर बीजेपी की नजर
वहीं, बीजेपी की नजर राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर ही है. कांग्रेस ने हाल ही में प्रदेश संगठन से लेकर विधायक दल के नेता में बदलाव किया है. ऐसे में बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष राज्य मुख्य विपक्षी दलों की तैयारियों, उनके चुनावी मुद्दों और उन्हें नाकाम करने के लिए भाजपा के स्तर से उठाए जाने वाले विषयों और मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श करेंगे.

कांग्रेस ने उत्तराखंड के चुनाव में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए एक प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए हैं. साथ ही गढ़वाल से ही प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष चुना है. इसके राजनीतिक नफे नुकसान पर भी बीएल संतोष पार्टी नेताओं से फीडबैक ले सकते हैं.

संघ की बैठक में छाया रहा चुनाव का मुद्दा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय समिति की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव छाए रहे. सूत्रों की मानें तो बैठक में आए सभी 35 संगठनों के प्रतिनिधियों को 2022 के विधानसभा चुनाव को केंद्र में रखते हुए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया. बेहद गोपनीय रखी गई इस बैठक में आरएसएस, बीजेपी और अन्य संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री व सदस्यों ने भाग लिया. प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने राज्य के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाया जिन पर चर्चा हुई.

संघ बढ़ाएगा गांवों में अपना नेटवर्क
कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राज्य के 14500 गांवों तक अपनी पहुंच बनाने का टारगेट रखा है. हर गांवों में संघ के कम से दो स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे, जो टीकाकरण से छूट गए लोगों को वैक्सीन की डोज लेने के लिए तैयार करेंगे. इस अभियान में संघ के सभी आनुषांगिक संगठन सक्रिय भागीदारी करेंगे.

संघ ने यह निर्णय बुधवार को क्लेमेंटटाउन स्थित एक रिजोर्ट में हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक में लिया गया, जिसमें बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल हुए थे. बैठक में विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा होनी थी, लेकिन संघ नेताओं ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं से निपटने की रणनीति पर ही फोकस कियाय बैठक में तय हुआ कि कोरोना की दूसरी लहर में जिन परिवारों में लोगों का निधन हुआ है, उनकी कुशलक्षेम लेने स्वयंसेवक उनके घर जाएंगे. संघ के कार्यकर्ता ऐसे लोगों की सूची तैयार करेंगे.

ग्राम पंचायतों तक स्वयंसेवकों को ट्रेनिंग
समन्वय बैठक में निर्णय लिया गया कि संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ता न्याय पंचायत स्तर तक लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे. इसके लिए गुरुवार से इसका प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा. प्रदेश, ब्लाक और न्याय पंचायत स्तर पर ये प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे.

बैठक में तय हुआ कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है, उनकी एक सूची तैयार होगी. सरकार के स्तर पर उनके लिए जो योजना बनाई गई है, उसका लाभ दिलाने के लिए स्वयंसेवक व कार्यकर्ता बैंक खाते व अन्य कागजी प्रक्रिया को पूरा कराने का काम करेंगे.


खबर इनपुट एजेंसी से

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