जसप्रीत बुमराह की वजह से टीम इंडिया को हो गया नुकसान, जानिए कैसे!

मोहाली l भारत और श्रीलंका के बीच मोहाली टेस्ट के पहले दो दिन में दोनों टीमों की काबिलियत और उनकी क्षमताओं में बड़ा अंतर साफ दिखा. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 574 का जबरदस्त स्कोर खड़ा किया और श्रीलंका के गेंदबाजों को परेशान किया, वहीं श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजों के सामने मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लेकिन एक मोर्चे पर दोनों टीमों के बीच का अंतर मिट गया और ये था गेंदबाजी में अनुशासन की कमी. दोनों टीमों के गेंदबाजों इस मामले में संघर्ष करते दिखे और आखिरकार इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा. श्रीलंका को तो इस गलती पर कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन टीम इंडिया (Team India) को इसकी सजा मिली. तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की नोबॉल के कारण एक विकेट हाथ से निकल गया.

शनिवार 5 मार्च को मोहाली टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत ने अपनी पारी 574 रनों पर घोषित की और फिर तीसरे सेशन में श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू हुई. रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की दिग्गज जोड़ी ने श्रीलंका के ओपनरों को पवेलियन लौटाया, जिससे मेहमान टीम मुश्किल में दिख रही थी. दिन के आखिरी पलों में श्रीलंका पर और भी बड़ी आफत आती दिखी, लेकिन इस मुकाबले में पहली बार किस्मत ने उनका साथ दिया.

बुमराह ने लांघी सीमा, हुआ नुकसान
श्रीलंकाई पारी के 32वें ओवर में जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी कर रहे थे. भारतीय तेज गेंदबाज ने इस ओवर में रफ्तार के बदलाव से युवा बल्लेबाज पाथुम निसांका को परेशान किया. फिर आई ओवर की तीसरी गेंद, जिसमें बुमराह ने धीमी इन-कटर गेंद डाली और निसांका को समझ नहीं आया. गेंद उनके पैड और बैट के बीच से निकलकर स्टंप्स में जा घुसी. निसांका समेत श्रीलंकाी खेमा मायूस हो गया, जबकि भारतीय खिलाड़ी बुमराह के साथ जश्न मनाने पहुंच गए.

टीम इंडिया का जश्न पूरा हुआ भी नहीं था, कि थर्ड अंपायर ने खतरे की घंटी बजा दी. बुमराह ने गेंदबाजी के नियम को तोड़ते हुए अपना पैर क्रीज से बाहर रखा, जिसके कारण उनकी ये गेंद अवैध यानी नोबॉल करार दी गई और निसांका आउट होने से बच गए. निसांका उस वक्त सिर्प 14 रन पर खेल रहे थे.

हालांकि, बुमराह ने अपने अगले ही ओवर में इस गलती को सुधारा और दिग्गज श्रीलंकाई बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज को अपना शिकार बना डाला. बुमराह ने मैथ्यूज को LBW आउट किया और इस बार यह गेंद सही साबित हुई.

दोनों टीमों की ओर से खूब नोबॉल
वैसे पिछले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट में नोबॉल की संख्या बढ़ी है, क्योंकि अब गेंदबाजों के पैर पर नजर रखने की जिम्मेदारी टीवी अंपायर को मिली है और इस कारण कई गेंदबाज इस सीमा को लांघते दिखे हैं. मोहाली टेस्ट में भारत की पारी में श्रीलंका ने करीब 130 ओवरों की गेंदबाजी में 12 नोबॉल डाली. वहीं भारतीय टीम तो और आगे निकली और सिर्फ 32 ओवरों के अंदर ही 7 नोबॉल डाल दी.

 

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