श्री शिवछत्रपति दुर्ग दर्शन यात्रा पर जा रहे हैं 13 राज्यों के 70 युवा

भोपाल। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर युवाओं को अपने नायकों एवं इतिहास से परिचित कराने के उद्देश्य से सूर्या फाउंडेशन की ओर से श्री शिवछत्रपति दुर्ग दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया है। इस यात्रा में देश के विभिन्न 13 राज्यों से 70 युवक-युवतियां शामिल हो रही हैं। यात्रा 25 दिसंबर को पुणे से शुरू होकर 29 दिसंबर को मुंबई में पूर्ण होगी। यात्रा के दौरान युवाओं का यह समूह छत्रपति शिवाजी महाराज के किले एवं उनसे जुड़े ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का दर्शन और जानकारी प्राप्त करेंगे।
यात्रा के समन्वयक श्री संदीप माहिंद ने बताया कि यह सामान्य यात्रा नहीं है बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को इतिहास का गौरव बोध होगा और साथ ही उनके मन में साहस भी उत्पन्न होगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के दुर्ग- सिंहगढ़, प्रतापगढ़, रायगढ़ और कोलाबा कोट सहित अन्य स्थल वीरता एवं बलिदान के किस्से ही नहीं सुनाते हैं अपितु ये किले शिवाजी महाराज की विशाल सोच से परिचित कराते हैं। इसके साथ ही इन किलों पर चढ़ाई से युवाओं को साहसिक यात्रा का अनुभव भी होगा। इस पाँच दिवसीय यात्रा में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा सहित 13 राज्यों से युवा शामिल हो रहे हैं।
यात्रा के सह-समन्वयक श्री विजय झा ने बताया कि विभिन्न राज्यों से आनेवाले युवा 24 दिसंबर को पुणे में ठहरेंगे। उसके बाद अगले दिन यानी 25 दिसंबर को सिंहगढ़ किले की मुहिम पर निकलेंगे। इसी दिन शनिवारवाड़ा सहित अन्य स्थलों का भ्रमण करेंगे। यात्रा 26 दिसंबर को मल्हार गढ़, पुरंदर और प्रताप गढ़ पहुंचेगी। वहीं, 27 दिसंबर को यात्रा का पड़ाव रायगढ़ रहेगा। 28 दिसंबर को कोरलाई, आगरकोट, कोलाबाकोट और खांदेरी के दर्शन करती हुई 29 दिसंबर को मुंबई पहुँचेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं बौद्धिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति की जानकारी दी जाएगी।
यात्रा में भोपाल से शामिल हो रहे हैं लोकेन्द्र सिंह
पाँच दिवसीय श्री शिवछत्रपति दुर्ग दर्शन यात्रा में मध्यप्रदेश के भोपाल से लेखक एवं पत्रकार लोकेन्द्र सिंह और जबलपुर से सामाजिक कार्यकर्ता गणेश गोखे शामिल हो रहे हैं। इस यात्रा के संबंध में लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा के साथ ही भारत को नजदीक से जानने में यह यात्रा सहायक होगी।

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