हमेशा के लिए नामर्द बना सकती है शराब, इस तरह बिगड़ जाती है सेक्स लाइफ

शराब पीने के लिए लोगों के पास तरह-तरह के बहाने होते हैं। कुछ लोग गम भुलाने के लिए पीते हैं तो कुछ खुशी मनाने के लिए। वहीं कई लोग झिझक दूर करके मूड बनाने के लिए भी पेग बनाते हैं। हालांकि साइंस की मानें तो ऐल्कोहॉल का असर शरीर पर आपकी सोच से उलट होता है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि शराब इंसान को डिप्रेस करती है। इससे मूड बनता नहीं बिगड़ जाता है साथ ही सेक्स करने की इच्छा भी घट जाती है। यहां तक की शराब की ओवरडोज को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की बड़ी वजह माना जाता है। शराब के महिलाओं और पुरुषों पर असर पर कई स्टडीज हो चुकी हैं। यहां जानें इनमें क्या नतीजे सामने आए।

महिलाओं में बढ़ती है सेक्स की इच्छा लेकिन…
शराब के फायदे-नुकसान से लेकर सेक्स लाइफ पर असर तक कई रिसर्चेज होती रहती हैं। एक शोध के मुताबिक, शराब पीने से इंसान ज्यादा अट्रैक्टिव फील करता है और उसे दूसरे भी आकर्षक नजर आते हैं। वहीं महिलाएं जब ड्रिंक कर लेती हैं तो उनकी सेक्स करने की इच्छा बढ़ जाती है। हालांकि एक पुराने शोध में यह भी बताया जा चुका है कि महिलाएं भले शराब पीकर अराउज्ड फील करें लेकिन उन पर नकारात्मक साइकोलॉजिकल इफेक्ट पड़ता है। साथ ही उनका जेनाइटल रिस्पॉन्स भी घट जाता है।

पुरुषों में हो सकती हैं सेक्स प्रॉब्लम्स
वहीं पुरुषों के लिए ऐसा माना जाता है कि शराब पीने के बाद उनकी झिझक कम हो जाती है। हालांकि ज्यादा शराब पीने वाले पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, प्रीमच्योर इजैक्युलेशन और लिबिडो कम हो जाने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।

शराब की लत से परमानेंट हो सकती है दिक्कत
साइंस के मुताबिक, इरेक्शन के लिए आपका ब्रेन, ब्लड वेसेल्स, हॉरमोन्स और नर्व्स जिम्मेदार होती हैं। जब आप शराब पीते हैं तो शरीर के इन सारे हिस्सों पर प्रभाव पड़ता है। इस वजह से इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है। हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर एक शाम भी ज्यादा शराब पी लेते हैं तो इरेक्शन में दिक्कत आ सकती है। अगर आप बहुत ज्यादा शराब के लती हैं तो यह समस्या परमानेंट हो सकती है।

ऐसे पड़ता है शराब का असर
2018 की एक स्टडी के मुताबिक, जब आप शराब पी लेते हैं तो आपका सेंट्रल नर्वस सिस्टम स्लो हो जाता है। यही आपके दिमाग से थॉट्स को आगे बढ़ाता है। दिमाग से सिग्नल मिलने पर ही प्राइवेट पार्ट का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। जब जेनाइटल्स तक सिग्नल्स और ब्लड सर्कुलेशन नहीं होता तो इरेक्शन नहीं हो पाता।

 

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