MP में क्यों कांग्रेस को पसंद है हिंदुत्ववादी छवि?

भोपाल : मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले मध्यप्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर हिंदुत्व कार्ड खेला जा रहा है. बीजेपी जहां अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की मूर्ति और अन्य मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम कर धर्म के सहारे चुनावी मैदान में है, तो वहीं बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से कड़ी टक्कर मिल रही है. बीजेपी अक्सर कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाती आई है. लेकिन आपको बताते हैं कि इस बीच कैसे चुनावी साल में कमलनाथ कांग्रेस का सबसे बड़ा हिंदुत्ववादी चेहरा बन गए हैं…

कमलनाथ करवा रहे हैं धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा में 5 से 7 अगस्त तक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन करवाने जा रहे हैं. छिंदवाड़ा के सिमरिया में इसके लिए करीब 25 एकड़ ज़मीन को किराये पर ले लिया गया है. बता दें कि सिमरिया में ही कमलनाथ ने 108 फ़ीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति बनवायी है जिसके साथ ही एक मंदिर भी बनवाया है. इसी मंदिर के पास रामकथा का आयोजन होगा. छिंदवाड़ा की मारुति नंदन सेवा समिति के संयोजक आनंद बख्शी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा की तैयारियों में लग गए हैं.

अब जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामकथा करवा रहे हैं तो इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के कई बड़े नेता इस आयोजन में पहुंचेंगे. सिमरिया हनुमान मंदिर के पास इस भव्य आयोजन के लिए किसानों से 25 एकड़ जमीन किराए पर ली गई है. यहां 3 बड़े वाटरप्रूफ डोम खड़े किये जाएंगे, जिसमें एक लाख से ज्यादा लोग एक बार में रामकथा को सुन सकेंगे. अब तक बीजेपी से जुड़े नेता धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा करवा रहे थे. लेकिन यह पहली बार है जब कांग्रेस का कोई बड़ा नेता धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन करवा रहा हो.

MP कांग्रेस में बना मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ

एमपी कांग्रेस में पहली बार मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ बनाया गया. इसी साल 2 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश कांग्रेस मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में प्रदेश भर के पुजारियों पंडितों पुरोहितों को बुलाया गया था. बैठक का उद्देश्य पंडितों पुजारियों की समस्याओं को जानकर उसके उचित समाधान की ओर बढ़ना है. इस बैठक के दौरान कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय को भगवा झंडों से पाट दिया गया था और पूरा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भगवामय हो गया था.

धर्म एवं उत्सव प्रकोष्ठ की स्थापना

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में बकायदा धर्म एवं उत्सव प्रकोष्ठ भी बनाया है. इसकी अध्यक्षा मशहूर कथावाचक ऋचा गोस्वामी हैं जो इन दिनों अपने प्रकोष्ठ के ज़रिये एमपी की सभी विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड, श्रीमद्भागवत कथा और शिव महापुराण का पाठ करवा रही हैं. यह प्रकोष्ठ भी कमलनाथ की ही सोच का परिणाम है.

मुख्यमंत्री कार्यकाल में धर्म और संस्कृति से जुड़े काम

कमलनाथ जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने राम वन गमन पथ प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी. जुलाई 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया और सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर अपने कदम बढ़ा दिए थे. तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने गौ संरक्षण के लिए 1309 करोड़ रुपए आवंटित करते हुए प्रदेश के हर गांव में गौशाला खोलने का ऐलान किया था. इसके अलावा राम वन पथ गमन मार्ग विकसित करने के लिए राम वन पथ निगम बनाने का ऐलान किया गया, तो वहीं जबलपुर में नर्मदा रिवर फ्रंट को विकसित करने की घोषणा की गई थी.

हनुमान भक्त हैं कमलनाथ

कमलनाथ हनुमान भक्त के तौर पर जाने जाते हैं. उन्होंने अपने गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा के सिमरिया में 101 फ़ीट ऊंची भगवान हनुमान जी की प्रतिमा का निर्माण करवाया था, जिसके तल में भव्य राम दरबार और अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. कमलनाथ जब कभी भी छिंदवाड़ा होते हैं तो इस मंदिर में जाकर दर्शन ज़रूर करते हैं. यही नहीं, जनवरी 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में हनुमान चालीसा का पाठ भी करवाया था

 

 

 

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