कार्यक्रम में नहीं बुलाया तो महिला पार्षद ने दिखाया रौद्ररूप! बिन बुलाए पहुंचीं, फिर…

नीमच। शहर के वार्ड नंबर 14 की महिला पार्षद किरण शर्मा उस समय आग बबूला हो गई, जब उन्हें नीमच के प्राइवेट बस स्टैंड पर मुख्‍यमंत्री के भू-आवास पट्टा वितरण कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। इसके अलावा उन्हें दीनदयाल रसोई योजना के तीसरे चरण के शुभारंभ में भी नहीं बुलाया गया। इससे नाराज किरण शर्मा ने बिना बुलाए कार्यक्रम में पहुंचकर मौके पर मौजूद भाजपा के पदाधिकारियों और नगरपालिका अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई।

दरअसल, नीमच बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम की सूचना और निमंत्रण पार्षद किरण शर्मा को नहीं दिया गया था। उन्हें एनवक्त पर कार्यक्रम की जानकारी दी गई। जब तक किरण शर्मा पहुंची तब तक कार्यक्रम खत्म होने वाला था। इससे नाराज किरण शर्मा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों तथा भाजपा पदाधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। किरण शर्मा ने यहां तक कह दिया कि क्या वे कांग्रेसी हैं? जो उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम को लेकर चार दिन पहले से ही तैयार हो रही थी, जबकि किरण शर्मा नगर पालिका में भाजपा की ही पार्षद है। उन्‍हें इस कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं दी गई।

मौके पर हंगामा

किरण शर्मा के नाराज होने से मौके पर हंगामा हो गया। भाजपा नेता, पार्षद और नगर पालिका के कर्मचारी उन्हें समझाते नजर आए। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में किरण शर्मा अपने आप ही शांत हुई।

क्या बोलीं किरण शर्मा

मामले में क्षेत्रीय पार्षद किरण शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम की कई दिन पहले से तैयारी चल रही थी। बावजूद इसके समय पर आमंत्रित नहीं किया। जब वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तब तक कार्यक्रम खत्‍म हो चुका था। जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए। कोई भी कार्यक्रम करने से पहले क्षेत्रीय पार्षद की राय अवश्य लेनी चाहिए। श्रीमती शर्मा ने कहा उन्‍हीं के क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित हो रहा और उन्‍हें ही इस बारे में जानकारी नहीं।

किरण शर्मा के आरोप पर नगरपालिका कर्मचारियों ने कहा कि प्रेस नोट जारी किया था। पार्षद का फ़ोन नहीं लगा। इस पर किरण शर्मा बोली- मेरा फ़ोन 24 घंटे ऑन रहता है। क्या पार्षद को सूचित करना जरूरी नहीं समझा जाता? कहीं भी, कोई भी कार्यक्रम आयोजित हो, पहले क्षेत्रीय पार्षद को सूचित करना चाहिए। बिना उसकी सहमति व राय के किसी तरह का आयोजन नहीं होना चाहिए। क्योंकि पार्षद वार्ड का प्रथम नागरिक होता है।

 

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