मोदी सरकार के खिलाफ फिर एकजुट होगी NCP?

नई दिल्ली: 5 दिन के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में मंगलवार को देश को नई संसद मिल गई। इसके साथ ही मोदी सरकार ने महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया गया है, लोकसभा में पेश कर दिया। महिला आरक्षण बिल पेश करने के दौरान नई संसद के पहले ही दिन लोकसभा में भारी हंगामा भी देखने को मिला और साथ ही देखने को मिली एक ऐसी तस्वीर, जिसने एक बार फिर नई कयासबाजी को जन्म दे दिया है।

ये तस्वीर थी एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और एनसीपी से ही बगावत कर अजित पवार के साथ जाने वाले उनके पुराने भरोसेमंद साथी प्रफुल्ल पटेल की। तस्वीर में शरद पवार और प्रफुल्ल नए संसद भवन में, एक साथ मुस्कुराते हुए फोटो खिंचाते नजर आए। दोनों की इस फोटो को प्रफुल्ल पटेल ने ही अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। इस तस्वीर को देखकर मशहूर शायर बशीर बद्र का वो शेयर भी याद आया कि, ‘दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा ना हों…’।

एनसीपी के बगावती नेता हैं प्रफुल्ल पटेल

दरअसल, इसी साल जुलाई की शुरुआत में शरद पवार के भतीजे अजित पवार एनसीपी के कई विधायकों के साथ महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें प्रदेश का डिप्टी सीएम बनाया गया। अजित पवार के साथ जाने वाले एनसीपी के दिग्गज नेताओं में छगन भुजबल और प्रफुल्ल पटेल का भी नाम शामिल था। बाद में ये चर्चा भी छिड़ी कि प्रफुल्ल पटेल को केंद्र की कैबिनेट में जगह मिलेगी।

क्या फिर कर एकजुट होगी एनसीपी?

अजित पवार के इस कदम के बाद एनसीपी दो खेमों में बंट गई और महाराष्ट्र में महा विकास अघाणी गठबंठन पर भी संकट के बादल नजर आने लगे। हालांकि शरद पवार ने साफ-साफ कहा कि ये अजित पवार और पार्टी के ऐसे विधायकों का निजी फैसला है, जिनके ऊपर केंद्र की एजेंसियां दबाव डाल रही थीं। उन्होंने कहा कि वो आज भी महा विकास अघाणी के साथ हैं। अब प्रफुल्ल पटेल के साथ शरद पवार की तस्वीर ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

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