MP शासन’ की कार से मिले करोड़ों के जेवरात, 4 गिरफ्तार

भोपाल : मध्य प्रदेश में शुक्रवार शाम मध्य प्रदेश शासन लिखी नंबर प्लेट कार से पांच करोड़ रुपए के करीब हीरे और सोने के जेवरात पकड़े हैं। कार भोपाल से रीवा की तरफ जा रही थी। पुलिस की एसएसटी टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान तीन बैग में रखें हीरे और सोने के जेवरात के साथ दो युवतियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। सूचना मिलने पर एसडीएम एमपी द्विवेदी और एसडीओपी भारतेंदु शर्मा नागौर थाना पहुंचे और पूछताछ की। कार में सवार लोगों द्वारा किसी भी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर पुलिस ने इनकम विभाग को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा है।

सतना जिले में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू की गई है। इस दौरान रुपए, जेवरात, अवैध रूप से शराब परिवहन रोकने के लिए पुलिस ने एसएसटी टीम गठित की हुई है। शुक्रवार सतना जिले की नागोद थाना पुलिस ओर चुनाव के चलते एसएसटी गठित टीम ने सरकारी नंबर प्लेट लगी कार MP 04 CZ 0779 स्विफ्ट डिजायर को रोका। तलाशी लेने पर उसमें पांच करोड़ रुपये के करीब के हीरे सोने और चांदी के जेवरात मिलने पर दो युवतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी लोग भोपाल के बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान कार में सवार लोगों ने ज्वेलरी के संबंध में कोई भी दस्तावेज पेश नही कर पाए। नागौद थाना पुलिस और आयकर विभाग इसकी जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सतना पन्ना बॉर्डर पर स्थित ग्राम माडा में मध्य प्रदेश शासन लिखी हुई डिजायर कार में डायमंड और गोल्ड के अलावा करोड़ों रुपए की ज्वेलरी मिली है। पकड़े गए लोगों के नाम संदीप चौहान भोपाल निवासी, पूजा बागरी, संगीता सोनी भोपाल निवासी है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह ओरा डायमंड कंपनी के कर्मचारी है और जेवरात हॉलमार्क है और उनका बीमा भी है वह इसे लेकर रीवा जा रहे थे। जहां समदरिया मॉल में इसकी प्रदर्शनी लगनी है। लेकिन इससे संबंधित कोई भी वैधानिक दस्तावेज वह पुलिस को नहीं दे पाए।

नागौर थाना प्रभारी अशोक पांडये ने बताया कि पुलिस ने ज्वेलरी का मूल्यांकन कराया है और उसे जब्त कर लिया है। पकड़ी गई डायमंड और ज्वेलरी 5 करोड़ 20 लाख 98 हजार रुपये के करीब आंकी गई है। कर्मचारी द्वारा बताया गया की कंपनी का मुख्य ऑफिस मुंबई में है और इसका रीजनल ऑफिस भोपाल में है। जेवरात और डायमंड की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दे दी गई है। अब आगे की जांच इनकम टैक्स विभाग करेगा।

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