राजस्थान की वो सीटें, जहां परिवार में है महामुकाबला

जयपुर : इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो राजनीतिक विरासत पर कब्जा करने के लिए परिवार के सदस्यों में हुई आपसी कलह के कई उदाहरण हमारे सामने आते हैं. पुराने समय की बात करें तो पांडव बनाम कौरव, औरंगजेब बनाम दारा शिकोह के उदाहरण सामने आते हैं. वहीं आधुनिक समय की बात करें तो ऐसे कई उदाहरण हैं जहां परिवार के सदस्य अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए अलग-अलग पार्टियों में शामिल हो गए हैं जैसे गांधी परिवार, ठाकरे परिवार, सिंधिया परिवार आदि.

राजस्थान विधानसभा चुनाव में भी आधा दर्जन ऐसी सीटें हैं जहां परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. तो आइए नजर डालते हैं उन सीटों पर, जहां परिवार के सदस्य आपस में भिड़े हुए हैं:

1)दांतारामगढ़

दांतारामगढ़ विधानसभा सीट पर पति-पत्नी चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं. दोनों एक दूसरे के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह के बेटे और वर्तमान विधायक वीरेंद्र सिंह यहां कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी रीता बेनीवाल जेजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. वीरेंद्र के पिता नारायण सिंह इस सीट से पहले सात बार विधायक रह चुके हैं.

2)खेतड़ी

झुंझुनू जिले की खेतड़ी सीट हॉट बनी हुई है जहां चाचा-भतीजी में मुकाबला हो रहा है. बीजेपी ने यहां धर्मपाल गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया तो भतीजी मनीषा बागी हो गईं. मनीषा कांग्रेस में शामिल हो गईं और उन्हें टिकट मिल गया.अब चाचा-भतीजी एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

3)नागौर

नागौर में 39 साल बाद एक ही परिवार के दो सदस्य आमने-सामने हैं. इस बार विधानसभा चुनाव में मुकाबला मिर्धा परिवार से ताल्लुक रखने वाले चाचा और भतीजी के बीच है. पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा बीजेपी के टिकट पर नागौर से चुनाव लड़ रही हैं. कांग्रेस ने ज्योति मिर्धा के खिलाफ उनके चाचा हरेंद्र मिर्धा को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. हरेंद्र मिर्धा इस सीट से पांच बार चुनाव लड़ चुके हैं. पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा इस साल सितंबर में ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हैं.

4) धौलपुर

धौलपुर में भाभी और देवर अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि दोनों आमने-सामने नहीं लड़ रहे हैं. लेकिन घर और चुनाव कार्यालय पास में ही है. राजाखेड़ा से बीजेपी के टिकट पर ननद (भाभी) नीरजा शर्मा और बीएसपी के टिकट पर धौलपुर सीट से जीजा (रितेश शर्मा) चुनाव लड़ रहे हैं.

5) सीकर

लक्ष्मणगढ़ में बीजेपी से सुभाष महरिया चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके भाई नंद किशोर महरिया फतेहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. लक्ष्मणगढ़ में सुभाष महरिया का मुकाबला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से है. इस सीट पर सबकी नजर है. वहीं, टिकट नहीं मिलने से नाराज सुभाष महरिया के भाई नंदकिशोर महरिया ने भी फतेहपुर में जेजेपी से टिकट लेने की कोशिश की है.

6) भादरा

भादरा में चाचा-भतीजा दोनों बड़ी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर आमने-सामने हैं. चाचा संजीव बेनीवाल बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके भतीजे अजीत बेनीवाल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *