सवाड़ में गैस चोरी के गिरोह का पर्दाफाश, ग्रामीणों को ऐसे लगाते थे चुना

प्रकाश मेहरा


चमोली। यदि आपके घर का गैस सिलेंडर जल्दी खत्म हो रहा है तो, सावधान हो जाइए। हो सकता है कि आपके गैस सिलेंडर में दी जाने वाली गैस पहले ही चोरी की जा चुकी हो। ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के जिला चमोली के सैनिक गांव कहे जाने वाले सवाड़ में, रविवार 4 फरवरी को सामने आया है। जहां स्थानीय लोगो ने, ऐसे ही एक गिरोह को पकड़ा है। बताया जा रहा है कि, स्थानीय गैस एजेंसी से होने वाले गैस सिलेंडरो की सप्लाई को एजेंसी स्प्लेयरों द्वारा, बीच में ही गैस चोरी किया करता था। स्थानीय ग्रामीणों ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ा है। पकड़े गए इस गिरोह के 2 सदस्य निजी गैस एजेंसी में काम करने वाले बताए जा रहे हैं। जो सिलेंडरों से गैस चुराकर लोगो को चुना लगा रहे थे।

गैस चोरों का पर्दाफाश किसने किया

गांव के ही सामाजिक कार्यकर्ता आलम सिंह बिष्ट, महावीर भंडारी, लक्की भंडारी और अन्य लोगों ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। लोगो का कहना है कि, उनके गैस सिलेंडर औसत से कम समय में खत्म हो जाता था। जिसपर उनके गैस चोरी होने का शक हुआ और ग्रामीण लंबे समय से गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर निगाह लगाए बैठे थे। जहां इंतजार कर रहे लोगो ने रविवार को गैस डिलीवरी कर रहे कर्मचारियों को गैस चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। गैस चोरी करने वाले गिरोह से पूछने पर मुंह छिपाते और भागते हुए नज़र आए। यह गिरोह लंबे समय से लोगों के आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे था और लोगों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

इन गिरोहों पर कार्यवाही नहीं

आए दिन इस तरह की खबरें आती रहती है। जिसपर प्रशासन की तरफ से कड़ी कार्यवाही होती नही दिखाई देती। इस पर प्रशासन को सख्त होने की जरूरत है। हालांकि उत्तराखंड के दुरस्त क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं होने की खबरों का कम ही पता लग पता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है, कि लाभार्थियों तक सीधा और पारदर्शी लाभ पहुंचे। जिससे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *