अदाएं दिखाकर मांगती थीं लिफ्ट, उसके बाद शुरू होता था असली खेल

मोतिहारी: बिहार में अपराधियों द्वारा लूट के नए तरीके अपनाए जाने का मामला सामने आया है। राज्य के नए डीजीपी विनय कुमार के निर्देश पर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है, इसके बाद अपराधियों ने अपनी गतिविधियों का पैटर्न भी बदल लिया है। अब अपराधों को अंजाम देने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पहले लग्जरी गाड़ियों को देख लिफ्ट मांगती हैं और फिर गैंग को बुलाकर लूटपाट करती हैं।

पुलिस का खुलासा

गुरुवार को मोतिहारी जिले में पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा किया और सात अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के लाल साहेब, कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नितेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, आकाश कुमार, मेहसी थाना क्षेत्र के सुभाष राय, मधुबन थाना क्षेत्र के रमेश कुमार और मुजफ्फरपुर जिले के रामपुर थाना क्षेत्र की प्रियंका देवी शामिल हैं। मोतिहारी पुलिस ने इन अपराधियों के पास से लूटी हुई तीन लग्जरी गाड़ियां, छह देसी कट्टे, छह कारतूस, और पांच मोबाइल बरामद किए हैं।

सात अपराधी गिरफ्तार

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पिछले तीन दिनों से कल्याणपुर थाने की पुलिस टीम अपराधियों के खिलाफ छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने दो गाड़ियों को बरामद किया, जबकि तीसरी गाड़ी को मेहसी में सुभाष राय द्वारा काटकर कबाड़ में बेच दिया गया, जिसे स्क्रैप के रूप में बरामद किया गया है।

एसपी ने दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पहली बार अपराध की दुनिया में उतरा था और उन्होंने लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने के लिए महिलाओं को अपने साथ शामिल किया था। इन अपराधियों ने सड़क पर वाहनों से लिफ्ट मांगने वाली महिलाओं का इस्तेमाल किया और फिर उन महिलाओं के जरिए अपने गैंग को लूटपाट के लिए बुलाया। गैंग लग्जरी गाड़ियों को निशाना बनाता था।

पुलिस को बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारी का दावा है कि इस गिरोह के भंडाफोड़ के बाद इस तरह के अपराधों में कमी आएगी। पुलिस इस दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है और अपराधियों के नए पैटर्न को समझते हुए उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *