महाकुंभ में नहातीं महिलाओं के वीडियो वायरल, क्या है सजा का प्रावधान?

नई दिल्ली। प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था. इसमें दुनियाभर से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे. इस दौरान संगाम में स्नान करने वालों की संख्या में महिलाएं भी काफी दिखीं थीं. वहीं पिछले दिनों सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं का गंगा में स्नान करते हुए वीडियो वायरल किया जा रहा था. इस तरह के ढेरों वीडियो यूट्यूब, फेसबुक और एक्स में सर्कुलेट हो रहे थे. यहां तक की कई टेलीग्राम चैनल इन्हें 2-3 हजार रुपये में बेच भी रहे थे.

महिलाओं के फोटो-वीडियो वायरल

मीडिया में इस बात का खुलासा होते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई और मामले को लेकर कार्रवाई पर जुटी. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. महाकुंभ के दौरान हुई यह घटना एक बार फिर इंटरनेट पर महिलाएं की प्राइवेसी और उनकी सिक्योरिटी पर सवाल खड़े करती है. टेलीग्राम चैनलों पर न सिर्फ महाकुंभ बल्कि अन्य कई धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की स्नान करते हुए वीडियो और फोटोज शेयर की गईं थीं.

सजा का प्रावधान

बता दें कि भारत में किसी भी महिला की निजता को भंग करने के इरादे से किए गए अपराध को लेकर कानून बनाया गया है. भारतीय न्याय संहिता में धारा 509 के तहत इस अपराध में शख्स को 3 साल तक की सजा हो सकती है. धारा 509 के तहत अगर आप किसी महिला को ऑब्जेक्टिफाई करते हैं तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है.

क्या है IT एक्ट?

भारत में सोशल मीडिया का भी काफी इस्तेमाल होता है. ऐसे में यहां पर IT एक्ट का भी प्रावधान है. इसके तहत अगर कोई व्यक्ति अश्लीलता से जुड़ी कोई फोटो, वीडीयो या पोस्ट पब्लिश करता है तो उसके लिए IT एक्ट के सेक्शन 67 के तहत दंड का प्रावधान है. IT एक्ट में सेक्शन 67 और सेक्शन 67 A ये 2 सेक्शन हैं. इसके तहत आप इस तरह की कोई भी चीज प्रकाशित नहीं कर सकते हैं. ऐसा सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी है.

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