सिद्धारमैया सरकार का बजट पेश, BJP ने इन मुद्दों पर घेरा

नई दिल्ली: कर्नाटक सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 4,08,647 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है. इस बजट में अल्पसंख्यकों के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं.

‘मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम’ के तहत 1,000 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है, जो 2025-26 में लागू की जाएगी. वक्फ संपत्तियों की मरम्मत एवं मुस्लिम कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आर्थिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक समुदायों में साधारण विवाह को बढ़ावा देने के लिए एनजीओ को प्रति जोड़ा 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.

बजट में जैन पुजारियों, सिखों के मुख्य ग्रंथियों और मस्जिदों के पेश-इमामों के मानदेय को बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया गया है. सहायक ग्रंथियों और मुअज्जिनों का मानदेय 5,000 रुपये प्रति माह किया गया है. 2बी श्रेणी के अल्पसंख्यक ठेकेदारों को अन्य समुदायों के समान 2 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेके मिलेंगे.

बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश

660 करोड़ रुपये की लागत से ‘बेंगलुरु सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ लागू किया गया, जिसमें 7,500 कैमरे, ड्रोन और 60 बॉडी-वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए.

महिला सशक्तिकरण पहल

10 शहरी क्षेत्रों में इंदिरा कैंटीन को राष्ट्रीय आजीविका मिशन की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जाएगा. जिला और तालुका पंचायत कार्यालय परिसरों में ‘अक्का कैफे और कैंटीन’ की स्थापना की जाएगी.

फिल्म और मनोरंजन क्षेत्र को बढ़ावा

  • कन्नड़ फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए एक ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा.
  • राज्य के सभी सिनेमाघरों में टिकट की अधिकतम कीमत 200 रुपये निर्धारित की गई.

वित्तीय संतुलन और कर सुधार

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी गारंटी योजनाओं के लिए 51,034 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसे जीएसडीपी के 3% राजकोषीय घाटे और 25% ऋण-जीएसडीपी अनुपात के भीतर रखा जाएगा. प्रोफेशनल टैक्स एक्ट में संशोधन किया जाएगा, जिससे वेतनभोगियों और मजदूरी पाने वालों का कर 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया जाएगा, जबकि वार्षिक अधिकतम सीमा 2,500 रुपये रखी जाएगी.

नक्सलवाद पर सरकार का बड़ा ऐलान

सरकार के कार्यकाल के दौरान 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. चूंकि कर्नाटक नक्सल मुक्त हो गया है, इसलिए एंटी-नक्सल फोर्स को भंग किया जाएगा. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज के तहत 10 करोड़ रुपये की योजना बनाई जाएगी. बजट में घोषित ये योजनाएं राज्य के विभिन्न वर्गों के कल्याण और बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.

क्या बोले बीजेपी नेता सीटी रवि?

  • बीजेपी नेता सीटी रवि ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, धार्मिक आरक्षण और तुष्टीकरण की राजनीति पहले नकारी गई थी, जो कुछ अंबेडकर ने नकारा था, उसे अब बढ़ावा दिया जा रहा है. पहले उन्हें आरक्षण दो, फिर कंपाउंड की बात करो, लेकिन वे कंपाउंड अल्पसंख्यकों को दे दिए गए. यह संविधान के खिलाफ है. आप कितना तुष्टीकरण और सांप्रदायिक राजनीति करना चाहते है.
  • हुबली में पुलिस स्टेशन पर हमला करने वाले अपराधियों को बख्श दिया गया. आप कहते हैं कि आप सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते, लेकिन आप वास्तव में कर क्या रहे हैं?
  • सिद्धारमैया ने 16वां बजट पेश किया है. सबसे ज्यादा कर्ज उन्होंने लिया. इस मामले में भी एक रिकॉर्ड बना. सबसे ज्यादा खर्च भी उन्होंने किया. वे अकेले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने 50% तक कर्ज लिया.
  • यदि पूंजीगत व्यय किया जाए तो विकास संभव है, लेकिन पूंजीगत व्यय के बिना, यदि आप सिर्फ गारंटी योजनाओं के तहत पैसे देते हैं, तो विकास कैसे होगा?
  • एक ही मामले में हाई कोर्ट कुछ और कहता है और दूसरे मामले में कुछ और. अलग-अलग फैसले दिए जाते हैं.
  • सौजन्या के नाम का इस्तेमाल वीरेंद्र हेगड़े के नाम को बदनाम करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. बिना सबूत के वीरेंद्र हेगड़े पर आरोप लगाना गलत है. हेगड़े को धर्मस्थल में एक दिव्य पुरुष माना जाता है, लोग उन पर विश्वास रखते हैं. उनके पास शैक्षणिक और धार्मिक संस्थान हैं. क्या यह गलत है?
  • बिना सबूत धर्मस्थलों और इसके प्रबंधन को बदनाम करना उचित नहीं है.

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