वैज्ञानिकों ने खोजा गोल्ड का अपार भंडार, 50cm मोटी सोने की परत से ढक जाएगी धरती!

नई दिल्ली: भारत में गोल्ड यानी सोने का अलग ही महत्व है. ये ना सिर्फ सजने-संवरने के लिए उपयोग में लिया जाता है, बल्कि सोना पूजा-पाठ और निवेश के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है.

भारत में सोने की कीमत

भारत में गोल्ड यानी सोने का अलग ही महत्व है. ये ना सिर्फ सजने-संवरने के लिए उपयोग में लिया जाता है, बल्कि सोना पूजा-पाठ और निवेश के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि भारत में गोल्ड की कीमत आसमान छू रही है, यही वजह है कि ज्यादातर लोग इस पीली धातु को बस खरीदने का सपना देखते हैं. लेकिन क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि आखिर सोना आया कहा से?

वैज्ञानिकों ने पाया सोने का भंडार

वैज्ञानिकों ने पाया कि पृथ्वी का कोर सोने और प्लैटिनम जैसी कीमती धातुओं से भरा हुआ है. यहां इतना सोना है कि यह पूरी दुनिया को 50 सेंटीमीटर मोटी परत से ढक सकता है. यह खोज हवाई के ज्वालामुखीय लावा का अध्ययन करके की गई.

हवाई के लावा में मिले सबूत

हवाई के ज्वालामुखीय लावा में रूथेनियम आइसोटोप पाए गए, जो इस बात का संकेत देते हैं कि यह कोर से आया है. जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ गोटिंगेन के वैज्ञानिकों ने इसे नेचर जर्नल में प्रकाशित किया. यह खोज पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने में मददगार है.

4.5 अरब साल पुराना खजाना

मेंटल प्लम कोर से गर्म चट्टानों को सतह पर लाते हैं, जिससे धातुएं लीक होती हैं. ये चट्टानें हवाई जैसे ज्वालामुखी द्वीप बनाती हैं. यह प्रक्रिया लाखों सालों से चल रही है. पृथ्वी के निर्माण के समय कोर में भारी धातुएं जमा हो गई थीं.

नई तकनीकों का जादू

पहले माना जाता था कि यह भंडार सतह से बिल्कुल अलग है. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया है कि धातुएं कोर से मेंटल में लीक हो रही हैं. नई प्रयोगशाला तकनीकों ने रूथेनियम जैसे आइसोटोप का पता लगाया. ये तकनीकें छोटे-छोटे अंतरों को पकड़ने में सक्षम हैं. इससे कोर और मेंटल की गतिविधियों को समझना आसान हो गया.

रास्ता बनाते हैं ज्वालामुखी

हवाई जैसे ज्वालामुखी धातुओं को कोर से सतह पर आने का रास्ता बनाते हैं. मेंटल प्लूम गर्म चट्टानों को ऊपर की ओर धकेलते हैं. यह प्रक्रिया ग्रह की भूगर्भीय गति को समझाती है.

उल्कापिंड वाली थ्योरी गलत?

पहले यह माना जाता था कि सतह पर धातुएं उल्कापिंडों से आई हैं. लेकिन इस शोध से पता चलता है कि कोर भी उनका स्रोत हो सकता है. यह खोज भूविज्ञान में नए सिद्धांतों को जन्म दे रही है.

अन्य ग्रहों पर भी संभावना

इस खोज से बृहस्पति और शनि के चंद्रमाओं पर भी धातु भंडार की संभावना दिखती है. वैज्ञानिक अब अन्य ग्रहों पर भी ऐसी प्रक्रियाओं की तलाश करेंगे. अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए यह एक बड़ा कदम है.

सोने तक पहुंचना नामुमकिन

कोर में मौजूद सोना 3,000 किलोमीटर नीचे है, जिसे अभी निकालना नामुमकिन है. लेकिन इस खोज से धरती की संरचना को समझने में मदद मिलेगी. वैज्ञानिकों को भविष्य में नई तकनीकों की जरूरत होगी.

धरती के नीचे का रहस्य

यह शोध धरती के अंदरूनी रहस्यों को खोलने में मददगार है. ग्रहों की उत्पत्ति को समझने में कोर और मेंटल की गतिविधियां अहम हैं. यह खोज भविष्य में खनन और विज्ञान को नई राह दिखा सकती है

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