नई आबकारी नीति के खिलाफ याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दी ‘पउवा’ की गजब दलील

नई दिल्ली l दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं. एक याचिकाकर्ता के वकील अरुण मोहन ने शराब पीने की कानूनी उम्र को कम करने के प्रावधान को चुनौती दी है. बता दें कि नई आबकारी नीति बुधवार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लागू हो जाएगी.

याचिकाकर्ता की तरफ से आबकारी नीति को लेकर आरोप लगाया गया है इसे सिर्फ टैक्स से कमाई बढ़ाने और निजी दुकानदारों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है. उनकी तरफ से कहा गया है कि यह नीति लोगों को ज्यादा शराब पीने के लिए भी प्रोत्साहित करती है, ऐसे में हमारे युवाओं का क्या होगा?

दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति संबंधी मामलों की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी है. नई नीति के खिलाफ एक अन्य याचिताकर्ता ने कहा कि जनता के लिए “क्वार्टर या पउवा” का अपना महत्व है. इसे जल्दी खत्म किया जा सकता है और परिवार के बुजुर्गों से छुपाया जा सकता है. लेकिन नई नीति क्वार्टर की बिक्री को हतोत्साहित करती है और उच्च कीमतों पर पूरी बोतल बेची जाएगी.

याचिकाकर्ता ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति का विरोध करते हुए कहा, इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीब लोगों को होगा, वो ठगा हुआ महसूस करेंगे क्योंकि बड़ी शराब की दुकानों पर छोटी क्वार्टर की बोतलें उपलब्ध नहीं होगीं और लोगों को सस्ती शराब नहीं मिल पाएगी.

बता दें कि बुधवार से दिल्ली में शराब की बिक्री पूरी तरह से निजी हाथों में होगी. राजधानी दिल्ली में शराब बेचने के लिए 32 जोन बनाकर सरकार की तरफ से 849 लाइसेंस जारी किए गए हैं.

नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली के हर जोन में 26 से 27 ऐसी दुकानें संचालित होंगी जहां आसानी से कोई भी शराब खरीद सकता है. इसको लेकर आबकारी विभाग ने कहा है कि लाइसेंस हासिल करने वाले सभी फर्मों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. हालांकि नई नीति लागू होने के बाद दिल्ली में शराब 8 से 9 फीसदी तक महंगी हो जाएगी जिससे सरकार की आमदनी बढ़ेगी.


खबर इनपुट एजेंसी से

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