वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थान क्यों कर रहे हैं भारत पर भरोसा-(लेख)

-वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थान क्यों कर रहे हैं भारत पर भरोसा- वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थानों जैसे विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आदि ने वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं…

MP : शिवराज कैबिनेट का हुआ विस्तार, सिंधिया गुट के कई मंत्री बने लेकिन उमा भारती नाराज

मनोज रौतेला की रिपोर्ट: भोपाल/दिल्ली :मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट विस्तार आज हो गया। लेकिन उमा भारती ने नाराजगी जताई है. अपनी चिट्ठी में उमा भारती ने साफ-साफ लिखा है…

छत्तीसगढ़ : MBBS डॉक्टर दीपांकर साहू के खिलाफ आयुर्वेदिक महिला डॉक्टर ने रेप का मामला दर्ज कराया, 2 साल से कर रहा था शारीरिक शोषण

मनोज रौतेला की रिपोर्ट: रायपुर/दिल्ली : राजधानी रायपुर में डॉक्टर के खिलाफ आयुर्वेदिक महिला डॉक्टर ने रेप का मामला दर्ज कराया है. के डीडी नगर थाना में MBBS डॉक्टर के…

शत्रु से संवाद–(कविता)

शत्रु से संवाद ————————————              1. तुम्हारे प्रति मेरा सम्मान बुनता है तुम्हारे दर्प के ताने बाने तुम बड़प्पन के भाव में सगर्व बह जाते…

“अहं ब्रह्मास्मि” मैं लिखना चाहता हूँ -(कविता)

“अहं ब्रह्मास्मि” मैं लिखना चाहता हूँ शाम के समय भटक चुके पंछी की यात्रा अनवरत वापस नीड़ तक पहुंचने तक, उलझने, आत्मविश्वास, ईर्ष्या, लोभ, निराशा, जय  और सबसे ज़्यादा असफ़लता,…

“भोग और स्वतन्त्रता” मेरी कल्पना में विचरती है एक पूर्ण निर्वस्त्र स्त्री-(कविता)

“भोग और स्वतन्त्रता” मेरी कल्पना में विचरती है एक पूर्ण निर्वस्त्र स्त्री अपनी पूरी ठसक के साथ  अपने रास्ते नापती है दूसरे किनारे पर रहते हैं ढेर सारे पुरुष ……

क्षुधा, भोजन, संतुष्टि…… चक्की के दो पाट हम दोनों (कविता)

क्षुधा, भोजन, संतुष्टि…… चक्की के दो पाट हम दोनों पीसने में जीवन के अनंत दिवस बिरवे घिसती हूँ प्रतिक्षण मैं तुम भी बीतते हो हर पल, पोसने में ढेर सारे…

काई लगे हरे आँगन में चुपके से उतरती वैशाख की गर्म सी धूप–(कविता)

काई लगे हरे आँगन में चुपके से उतरती वैशाख की गर्म सी धूप ओसार की उंगलियाँ थाम…., छिड़क चुकी है शरारतों की बूँदें  नींद की गर्म तासीर पर अल सुबह…

बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों की सोच को झकझोर रहा है प्राइवेट सिस्टम-(लेख)

-बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों की सोच को झकझोर रहा है प्राइवेट सिस्टम !- आज एक विचार किया हम ‘बुद्दिजीवी वर्ग’ के लोग इतने कमजोर और लाचार हैं, कि कोई हमारी…

ग्रामों के क्लस्टर बनाकर देश के आर्थिक विकास को दी जा सकती है गति-(लेख)

-ग्रामों के क्लस्टर बनाकर देश के आर्थिक विकास को दी जा सकती है गति- कोरोना महामारी के कारण लगभग दो माह के लॉक डाउन के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को वापिस…