–मेरे हाॅस्टल की लड़कियां– अभी-अभी घर की बेड़ियां तोड़ अकेली अंजान शहर में आई हैं……. आजादी का स्वाद…. पढ़ाई के बहाने तलाशने….. कुछ हैं जो दबी-दबी सी सहमी-सहमी सी हैं…
प्रेम ——- प्रेम करना जहां गुनाह है और बच्चे पैदा करना जुर्म कितनी गर्म होगी वहां की हवा! खिलने की कल्पना से ही सिहर उठते होंगे फूल कांपती होंगी कलियां;…
(पत्रकारिता दिवस पर विशेष) सुनो पत्रकार ————– वो समय कोई और था जब तेरी बातों का कोई लेता था असर पब्लिक ही क्यों पुलिस ब्यूरोक्रेट्स लीडर्स और सरकार की भी…
“वो पत्थर ईश्वर ही था” ************************ “हाँ वो पत्थर ही था मात्र पत्थर… जब तक सहनशक्ति की अपनी परीक्षा में छैनी हथौड़े की आवाज़ इस पार से उस पार उतारने…
मासिक धर्म एक नेचुरल प्रोसेस.. “28 मई 2019 – महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं और किशोरियों को दिक्कतों…