इस वजह से जुलाई के अंत तक टीकाकरण लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएगा भारत : रिपोर्ट

नई दिल्ली l भारत ने जुलाई अंत तक 50 करोड़ से अधिक कोरोना-रोधी वैक्सीन की खुराक देने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अब वह इससे पीछे रह जाएगा क्योंकि देश की एकमात्र स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष करती दिख रही है. सोमवार को सरकार द्वारा जारी डाटा के विश्लेषण में यह बात सामने आई है.

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है और अब तक लगभग 43 करोड़ खुराक वितरित की गयी हैं जो कि चीन को छोड़कर किसी भी देश से अधिक है. लेकिन आबादी के लिहाज से देखा जाए तो यह कई देशों के मुकाबले कम है.

दिसंबर तक सभी वयस्कों को टीका लगाने का लक्ष्य
सरकार ने मई में कहा था कि वह जुलाई के अंत तक 51 करोड़ 60 लाख खुराक मुहैया कराएगी. केंद्र दिसंबर तक अपने सभी अनुमानित 94 करोड़ 40 लाख वयस्कों को टीका लगाना चाहता है. जुलाई के अंत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए, हालांकि, अधिकारियों को औसत दैनिक टीकाकरण तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 1.40 करोड़ खुराक तक करना होगा, लेकिन भारत बायोटेक द्वारा हाल ही में कोवैक्सीन टीकों की जो आपूर्ति की गई है, उसके अनुमानों के आधार पर यह संभव नहीं लगता.

जुलाई में 2.5 करोड़ और अगस्त में 3.5 करोड़ कोवैक्सीन खुराक
सरकार भरोसा कर रही थी कि उसे जुलाई या अगस्त से हर महीने 6 से 7 करोड़ कोवैक्सीन खुराक की आपूर्ति की जाएगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने पिछले हफ्ते संसद को बताया कि भारत बायोटेक इस महीने केवल 2.5 करोड़ और अगस्त में 3.5 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगा क्योंकि दक्षिणी शहर बेंगलुरु में वैक्सीन की एक नई उत्पादन लाइन को पूरी तरह से तैयार होने में समय लग रहा है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि वैक्सीन आपूर्ति की कमी ‘हमारे टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावित नहीं करेगी.’ स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने बीते 23 जुलाई को संसद में कहा था कि जनवरी से 16 जुलाई तक भारत बायोटेक द्वारा कोवैक्सीन की 5.45 करोड़ खुराकों और सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोविशील्ड की 36.01 करोड़ खुराकों की केंद्र को आपूर्ति की गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत बायोटेक का जवाब देने से इनकार
स्वास्थ्य मंत्रालय से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. दूसरी ओर, भारत बायोटेक ने भी अपने वैक्सीन के उत्पादन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. सरकार अपने टीकाकरण अभियान के लिए अगस्त से दिसंबर के बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से टीके की 50 करोड़ खुराक और भारत बायोटेक से 40 करोड़ खुराक मिलने का भरोसा कर रही है.


खबर इनपुट एजेंसी से

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