पत्रकारिता के भीष्मपितामह, बी.डी. चंदोला को नमन

डॉ योगेश धस्माना


पत्रकारिता के भीष्म पितामह, विश्ववंभर दत्त चंदोला की 144 वी जयंती पर उन्हें याद करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ योगेश धस्माना, पर्यावरण के क्षेत्र में जगदीश बावला और साहित्य के क्षेत्र में गीता गैरोला को मुख्य अतिथि, पूर्व डीजीपी, अनिल रतूड़ी एव अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी द्वारा सम्मानित किया गया।

अनिल रतूड़ी ने कहा कि बी.डी. चंदोला ने गढ़वाली पत्रिका के माध्यम से जहां एक ओर पहाड़ की सेवा की, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर गढ़वाल को एक पहचान भी दी। इस अवसर पर राधा रतूड़ी का कहना था कि पहाड़ की विभूतियों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम में अध्यक्ष ओ.पी. सकलानी, संस्था के सचिव विजेंद्र नवानी ने बी.डी. चंदोला की स्मृति में शोध संस्थान को आगे बढ़ाने की अपील की।

समारोह के विशिष्ठ अतिथि सूचना आयुक्त, योगेश भट्ट ने जनपक्षीय पत्रकारिता और उसके मूल्यों में आ रही गिरावट में चिंता प्रकट की। कार्यक्रम में बी.डी. चंदोला की 101 वर्ष की पुत्री- श्रीमती शांति सकलानी, उनकी छोटी बहन- सरोज कोठारी, बी.डी. चंदोला की पौत्री- अनुपमा चंदोला राजेंद्र कोठियाल, नारी शिल्प कॉलेज की प्रधानाचार्या- डॉ कुसुम नैथानी सोमेंद्र चंदोला, श्रीमती मृदुला दीवान,  प्रोफेसर प्रदीप जोशी, ललित मोहन लखेड़ा, आशीष उनियाल, विक्रम गुसाईं, आनंद बहुगुणा, विनोद चंदोला,मनीषा नवानी एवं इंद्रभूषण बडूनी मौजूद रहे।

 

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