मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। हथियारों के साथ रील्स बनाने का जमाना गया, अब यहां के युवा हथकड़ी पहनकर रील्स बना रहे हैं। ये रील्स पुलिस हिरासत में बनाई जा रही हैं और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं। इस ट्रेंड को लेकर युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ मनोरंजन के लिए है। लेकिन पुलिस और कानून के जानकार इसे गंभीरता से ले रहे हैं।
पुलिस की गिरफ्त में रील्स
दरअसल, पहले युवा हथियारों के साथ रील्स बनाकर अपनी दबंगई दिखाते थे। अब वे पुलिस की गिरफ्त में होने का नाटक करके रील्स बना रहे हैं। इससे एक नया तरह का अपराध भी सामने आ रहा है। यह ट्रेंड सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं है, बल्कि यह कानून की नजर में भी अपराध है।
नए ट्रेंड से पुलिस परेशान
युवाओं इस ट्रेंड से पुलिस भी परेशान है। पुलिस का मानना है कि इससे हथकड़ी पहनकर पहचान उजागर करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है। यह युवाओं के लिए एक गलत संदेश दे रहा है। पुलिस इस ट्रेंड पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रही है।
क्या कह रहे कानून के जानकार
अधिवक्ता सुबोध कुमार झा का कहना है कि न्यायालय परिसर फोटोग्राफी प्रोहिबिटेड एरिया में आता है। जिसमें वीडियो बनाना कानूनन अपराध है। यह अपराध और अधिक बढ़ जाता है जब आप पुलिस कस्टडी में वीडियो बना रहे हैं और उसे वीडियो को सोशल मीडिया में अपलोड करते हैं तो आप IT एक्ट के तहत एक आपराधिक घटना को अंजाम दे रहे हैं। जिसके लिए पुलिस को जल्द से जल्द ऐसे आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच करनी चाहिए कि किस मानसा से उसने यह वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। उन्होंने कहा युवाओं में यह एक गलत ट्रेंड चल रहा है जिसे सामाजिक स्तर पर ही सुधारा जा सकता है।
क्या बोले सिटी एसपी
सिटी एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा है कि जो वीडियो वायरल हो रहा है उस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराएंगे और जो भी विधिसम्मत कार्रवाई होगी वह की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह ट्रेंड युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है। यह चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के चक्कर में युवा कानून तोड़ रहे हैं। इस ट्रेंड को रोकने के लिए पुलिस और समाज को मिलकर काम करना होगा। युवाओं को भी समझना होगा कि यह सिर्फ एक मज़ाक नहीं है, बल्कि एक गंभीर अपराध है। इससे उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले सोचना जरूरी है।