हैदराबाद: तेलंगाना में 27 फरवरी को हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समर्थित उम्मीदवारों ने तीन में से दो सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस-शासित इस राज्य में मिली इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई दी। ये जीत बीजेपी के लिए राज्य में अपने प्रभाव को बढ़ाने का एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। यह पहली बार है जब 2014 में तेलंगाना के गठन के बाद बीजेपी के पास इतनी बड़ी संख्या में निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। पार्टी के अब राज्य में आठ विधायक (119 में से), तीन एमएलसी (40 में से) और आठ सांसद (17 में से) हो गए हैं।
कौन-कौन जीते?
राज्य विधान परिषद के मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित चौधरी अंजी रेड्डी ने कांग्रेस के नरेंद्र रेड्डी को 5,000 से अधिक मतों से हराया। इस सीट का परिणाम बृहस्पतिवार को तड़के घोषित किया गया। हालांकि, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार वी. नरेंद्र रेड्डी ने कड़ी टक्कर दी। पहले चरण की मतगणना में अंजी रेड्डी को पर्याप्त प्रथम वरीयता वोट नहीं मिले, लेकिन बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) समर्थित पी. हरिकृष्णा के बाहर होने के बाद मुकाबला सिर्फ अंजी रेड्डी और नरेंद्र रेड्डी के बीच रह गया, जिसमें बीजेपी उम्मीदवार ने जीत दर्ज कर ली।
मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों तथा वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए वरीयता मतदान प्रणाली के तहत चुनाव हुए। चुनाव मतपत्रों के जरिए हुए। मतों की गिनती पिछले सोमवार को शुरू हुई। भाजपा समर्थित मलका कोमारैया ने मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की तथा निर्दलीय उम्मीदवार श्रीपाल रेड्डी पिंगिली (शिक्षक संघ द्वारा समर्थित) वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी रहे। दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम सोमवार देर रात घोषित किए गए। इस सीट पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने उम्मीदवार नहीं उतारा था। तीसरी सीट वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में स्वतंत्र उम्मीदवार पी. श्रीपाल रेड्डी (PRTU) विजयी रहे।
मतगणना एक समय लेने वाली प्रक्रिया है, क्योंकि इसमें वैध और अवैध मतों को अलग करना और उसके बाद वरीयता की गणना करना शामिल था। तीन एमएलसी सीट में से दो पर जीत राज्य में भाजपा के लिए एक नैतिक बढ़त के रूप में सामने आई है। पार्टी ने तीनों सीट के लिए उम्मीदवार उतारे थे, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने केवल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव लड़ा। बीआरएस चुनाव से दूर रही। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार और अन्य भाजपा नेताओं ने चुनाव में जोर शोर से प्रचार किया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया।
बीजेपी के प्रभाव में विस्तार
चुनाव नतीजों से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी का प्रभाव इस क्षेत्र में मजबूत हो रहा है। खासतौर पर मेडक, निजामाबाद, आदिलाबाद और करीमनगर संसदीय क्षेत्रों में जहां पार्टी के सांसद पहले से ही मौजूद हैं। बीजेपी सांसदों में एम. रघुनंदन राव (मेडक), डी. अरविंद (निजामाबाद), गोदम नागेश (आदिलाबाद) और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार (करीमनगर) शामिल हैं। राज्य के 13 जिलों, 43 विधानसभा सीटों और छह संसदीय क्षेत्रों तथा 270 मंडलों में हुए चुनावों के साथ यह जीत महत्वपूर्ण है और तेलंगाना में भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
बीजेपी नेतृत्व की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (ट्विटर) पर लिखा, “मैं तेलंगाना के लोगों का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने भाजपा को MLC चुनावों में इतना शानदार समर्थन दिया। हमारे नवनिर्वाचित उम्मीदवारों को बधाई। मुझे हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं पर गर्व है, जो लोगों के बीच समर्पित भाव से काम कर रहे हैं।” वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “तेलंगाना के लोगों को धन्यवाद कि उन्होंने MLC चुनावों में बीजेपी को शानदार जीत दिलाई। आपका विश्वास हमें और अधिक सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।” बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने कांग्रेस के झूठे वादों को नकार दिया है। उन्होंने कहा, “हमारे उम्मीदवारों की जीत यह दिखाती है कि राज्य में 70% से अधिक क्षेत्र में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो रही है।”
कांग्रेस के लिए झटका
राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ए. रेवंत रेड्डी ने इन चुनावों के लिए जोरदार प्रचार किया था। हालांकि, आलोचकों ने उन्हें श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल दुर्घटना के बचाव कार्यों की अनदेखी करने के लिए घेरा, जहां 22 फरवरी को टनल का एक हिस्सा गिरने से आठ लोग फंस गए थे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का और वरिष्ठ मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने बीजेपी के प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया था। अब कांग्रेस इन नतीजों की समीक्षा कर आगामी एमएलसी चुनावों के लिए रणनीति बनाएगी।
आने वाले चुनावों पर नजर
तेलंगाना में जल्द ही एमएलए कोटे की पांच एमएलसी सीटों के लिए चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने संभावित उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा शुरू कर दी है। वहीं, बीजेपी की इन दो सीटों पर जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ गया है, जिससे आगामी चुनावों में भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।