महंगी होती शिक्षा में अभिभावकों का पालनहार बना बुक बैंक

देहरादून। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी किताबों पर लगभग तीस से चालीस प्रतिशत हुई वृद्धि से आर्थिक दबाव झेल रहे अभिभावकों के लिए एक बार फिर से एनएपीएसआर बुक बैंक सहारा बना है।

बुक बैंक के संस्थापक व एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने बताया की एनएपीएसआर की और से संचालित बुक बैंक अभिभावकों को आर्थिक राहत पहुंचा रहे है। इस साल सरकार की और से कई कक्षाओं की किताबें बदली जाने के कारण और नई शिक्षा नीति की किताबों व निजी पब्लिशर की किताबों के दामों मे हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण अभिभावकों का बजट गड़बड़ा रहा है।

बुक बैंक का सबसे ज्यादा लाभ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को हो रहा है उन्हें महंगी पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं। आरिफ खान के अनुसार इस साल मार्च के शुरुआत से अब तक लगभग दो सौ पचास से अधिक बच्चों ने हमारे बुक बैंकों से निःशुल्क किताबों का लाभ उठाया है। पिछले वर्ष एनएपीएसआर बुक बैंक से बत्तीस सौ बच्चों को किताबें वितरित की गई थी। एनएपीएसआर की और से पूरे जिला देहरादून मंे इस समय 13 बुक बैंक संचालित किए जा रहे हैं।

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