उत्तराखंड : ट्रैफिक नियम तोड़ना अब नहीं होगा आसान, बना यह धासूं प्लान

देहरादून। उत्तराखंड में ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए अब स्टंटबाजी और रैश ड्राइविंग करना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। रैश ड्राइविंग करने वाले चालकों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने कारगर प्लान बनाया है। ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर रैश ड्राइविंग करने वाले चालकों के खिलाफ चालान के साथ ही अब केस भी दर्ज होगा।

ट्रैफिक पुलिस ने स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग करने वाले राइडर और यूट्यूबरों पर कड़ी कार्रवाई के लिए नई एसओपी तैयार की है। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस के तहत अब न काउंसलिंग होगी और न ही चालान किया जाएगा, सीधे आईपीसी की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।

एसपी ट्रैफिक अक्षय कोंडे ने बताया कि पुलिस ने पिछले साल ऐसे 12 यूट्यूबर चिह्नित किए थे, जो रैश ड्राइविंग और स्टंटबाजी कर खुद के साथ दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे थे। पहले चरण में इनको पकड़कर काउंसलिंग करवाई गई। इसके बाद कुछ के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जुर्माना भी लगाया गया।

देहरादून शहर के ऐसे हॉट स्पॉट चिह्नित किए गए, जहां रैश ड्राइविंग हो रही थी, जिनमें मालदेवता रोड, रायपुर स्टेडियम रोड, किमाड़ी रोड शामिल है। यहां पुलिस जवानों को सादे कपड़ों में भेजकर इनकी धरपकड़ करवाई गई। इसके बावजूद, राइडर और ब्लॉगर बाज नहीं आ रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सब्सक्राइबर के लिए खतरे में डाल रहे जिंदगी

एसपी ट्रैफिक के अनुसार, यूट्यूबर सब्सक्राइबर बढ़ाने की चाह में खुद के साथ दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं। रैश ड्राइविंग के वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए जाते हैं, जिनको ढेरों व्यू भी मिलते हैं। लेकिन, अब पुलिस ऐसे चैनलों पर भी नजर रख रही है। कोर्ट को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया कि ऐसे चैनलों को बंद करवाने के लिए आदेश पारित किया जाए।

जुर्माने से नहीं पड़ रहा फर्क

एसपी ट्रैफिक कोंडे के अनुसार, रैश ड्राइविंग करने वाले अमूमन यूट्यूबर्स के पास 30 से 40 लाख रुपये की बाइक होती है। कुछ तो ऐसे हैं, जिनके पास एक से अधिक बाइकें हैं। रैश ड्राइविंग करने पर चालान और आईपीसी की धारा-336 में मुकदमा तक दर्ज किया गया, लेकिन इससे उन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की एसओपी बनाई है।

अब इन धाराओं में दर्ज किया जाएगा मुकदमा

आईपीसी की धारा-268 (लोक न्यूसेंस), धारा-279 (लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना), धारा-283 (लोक मार्ग या नौपरिवहन पथ में संकट या बाधा पैदा करना), 287 (मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण), 336 (ऐसा काम, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकट में पड़ता हो), 509 (शब्द, अंग विक्षेप या ऐसे काम, जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिए आशयित हैं)

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