कैमूर : बिहार में एक और घूसखोर सरकारी सेवक कानून के हत्थे चढ़ गया। कैमूर पुलिस ने एक जिला परिवहन पदाधिकारी को बालू घाट का पट्टा देने के लिए 40 लाख घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी डीटीओ मोहम्मद जियाउल्लाह अपने ही बुने जाल में फंस गया। आरोपी डीटीओ बालू के अवैध कारोबार के लिए कुख्यात शेखपुरा कभी प्रभारी था। आरोप है उसने गलत तरीके से बड़ी रकम की उगाही की है।
कैमूर के एसपी ललित मोहन शर्मा ने डीटीओ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में 28 अगस्त को मोहम्मद दीवान शहंशाह खान नमक एक पीड़ित के बयान पर भभुआ थाने में आरोपी के खिलाफ फिर दर्ज किया गया था। छानबीन के दौरान आरोप सत्य पाए जाने पर गिरफ्तारी हुई है। आरोपी डीटीओ को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
डीटीओ की गिरफ्तारी लखीसराय में सरकारी आवास से की गई। अपने शिकायत में मोहम्मद दीवान ने बताया था कि आरोपी डीटीओ पर रोहतास जिले में तैनात थे। उन्होंने बालू घाट का ठेका देने के लिए 40 लख रुपए लिए। दरअसल डीटीओ ने अपने और संबंधियों के खाते में डलवा लिए और अपने ही जल में फंस गया।
वादी मोहम्मद दीवान ने बताया कि जमीन बेचकर उसने कारोबार के लिए 40 लख रुपए डीटीओ को दिए। उसकी पत्नी बॉडीगार्ड और रिश्तेदारों के खाते में पैसे डाले गए। केस के छानबीन में यह साबित हो गया। उसके बाद पुलिस ने उसे दबोचलिया। एसपी ने बताया कि वादी के बयान पर वीडियो के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 409, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज किया गया। तथ्य सामने आने पर गिरफ्तारी हुई है।
एसपी से मिली जानकारी के मुताबिक डीटीओ और उसके संबंधियों ने पहले भी कई लोगों से लाखों रुपए की ठगी की थी। उसके शिकार भी अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। पुलिस उन मामलों पर भी तहकीकात करेगी।
