नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आईएनए–आज़ाद हिंद फ़ौज और रानी झांसी रेजिमेंट

देवेंद्र कुमार बुडाकोटी एवं स्वगता सिन्हा रॉय नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती कुआलालंपुर, मलेशिया में नेताजी वेलफेयर फ़ाउंडेशन द्वारा, भारत के उच्चायोग और नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंडियन…

‘जलकुंभी से भरी नदी में’ संवेदनाओं और सरोकारों का बोध

– डॉ. लोकेन्द्र सिंह हिन्दी साहित्य के विस्तृत आकाश में जब कोई युवा हस्ताक्षर अपनी पहली कृति के साथ उपस्थित होता है, तो उससे कई उम्मीदें जुड़ जाती हैं। अशोकनगर,…

प्रतिरोध, संवाद और समयबोध पर गहन विमर्श

सीएमपी डिग्री कॉलेज में ‘चेतना के दस द्वीप’ पर हुई परिचर्चा सत्यकेतु की पुस्तक में शामिल कवियों ने काव्य पाठ किया प्रयागराज। मंगलवार को चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय (सीएमपी डिग्री…

भारत में एक नए उत्तरदायी राष्ट्र सूचकांक का निर्माण हुआ है

हिंदू सनातन संस्कृति के संस्कारों में समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए नागरिकों को जागरूक किए जाने का प्रयास लगातार किया जाता रहा है और पश्चिमी सभ्यता…

हजार स्वर्ण मंदिरों का शहर है कांचीपुरम

डॉ. लोकेन्द्र सिंह हिन्दू आस्था का प्रमुख केंद्र है तमिलनाडु का कांचीपुरम। हिन्दू वाङ्ग्मय में मोक्षदायिनी सप्तपुरियों का वर्णन आता है, उनमें कांचीपुरम भी शामिल है। अर्थात् कांची मोक्ष की…

अमेरिका की साम्राज्यवादी सोच के विरुद्ध बन रहे नए समीकरण

अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति श्री निकोलस मदुरो को रात्रि के समय में गिरफ्तार कर अमेरिका लाकर उन पर मुकदमा चलाया जाना एवं वेनेजुएला के तेल भंडार पर…

अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियां तीसरे विश्व युद्ध की नींव रख रही हैं

अब तो अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने खुले तौर पर घोषणा कर दी है कि ब्रिक्स संगठन के सक्रिय सदस्य देशों – भारत, रूस, ब्राजील एवं चीन – एवं…

कुशल भारतीय युवाओं के लिए अन्य देशों में भी उपलब्ध हो रहे हैं रोजगार के अवसर

हाल ही के समय में भारतीय युवाओं ने भारतीय संस्कृति के नियमों का अनुपालन करने की ओर अपने पग बढ़ा दिए हैं। “वसुधैव कुटुम्बकम” के भाव को आत्मसात करते हुए…

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी : ऐसो को उदार हिन्दी जग माहीं..

गौरव अवस्थी| पुण्यतिथि पर विशेष बोलियों में बंटी हिंदी भाषा को परिमार्जित करके भारतेन्दु हरिश्चंद्र द्वारा प्रारंभ किए आधुनिक खड़ी बोली हिंदी आंदोलन को सफलता के शिखर पर स्थापित करने…

चार श्रम संहिताओं को लागू करने के बाद, भारत में रोजगार के लाखों अवसर निर्मित होंगे

प्रहलाद सबनानी दिनांक 21 नवम्बर 2025 से भारत में चार श्रम संहिताओं (वेतन संहिता 2019, औद्योगिक सम्बंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 एवं व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त…