रेजिमेंट की हर परंपरा, अनुष्ठान, समारोह और प्रार्थना एक परेड है

देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी क्या बात है, बॉस? मैं अचानक रेजिमेंट की परंपराओं, अनुष्ठानों, समारोहों और प्रार्थनाओं को परेड  क्यों कह रहा हूँ? दरअसल, यह सब तब शुरू हुआ जब एक ईसाई…

नागरिक कर्तव्यों के अनुपालन से आर्थिक विकास को दी जा सकती है गति

प्रहलाद सबनानी वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों पर करों का बोझ कम करने का ईमानदार प्रयास किया है। सबसे पहिले आयकर की सीमा को 12 लाख…

कुंडली मिलान से प्री-वेडिंग काउंसलिंग तक : आधुनिक भारतीय समाज में विवाह को क्या बचाएगा?

देवेन्द्र के. बुडाकोटी परंपरागत रूप से भारतीय विवाह तय होते थे, और उनकी वैधता का सबसे बड़ा आधार होता था लड़की और लड़के की कुंडली मिलान। लेकिन कुंडली मिलान पहला…

बिहार विधानसभा चुनाव दे रहे हैं कुछ संकेत

प्रहलाद सबनानी हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार राज्य की विधान सभा के चुनाव परिणाम आ गए हैं एवं भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन को अभूतपूर्व सफलता…

पूरे विश्व में भारतीय आर्थिक दर्शन को लागू करने का समय अब आ गया है

प्रहलाद सबनानी आज, वैश्विक स्तर पर कई देशों में विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्याएं दिखाई दे रही हैं, जिनका हल ये देश निकाल नहीं पा रहे हैं। आज विश्व के…

इस वर्ष नोबेल पुरस्कार प्राप्त सृजनात्मक विनाश के सिद्धांत की जड़ें हिंदू सनातन संस्कृति में हैं

प्रहलाद सबनानी हिंदू सनातन संस्कृति से सम्बंधित वेदों, पुराणों एवं धार्मिक ग्रंथों में यह वर्णन मिलता है कि मानव जीवन की प्राप्ति, 84 लाख योनियों के चक्र के पश्चात प्राप्त…

खस्ताहाल भारतीय सड़कें और अवैध निर्माण – अर्थव्यवस्था को पहुँच रहा भारी नुकसान

देवेंद्र कुमार बुडाकोटी देवेंद्र कुमार बुडाकोटी भारत में सड़कें अक्सर खराब हालत में होती हैं — न तो निर्माण की गुणवत्ता ठीक होती है, न ही रखरखाव। आम लोग लगातार…

शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ : एक अमर क्रांतिकारी की अमर गाथा

सन् 1900 का दशक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे उथल-पुथल भरा समय था। अंग्रेज़ी साम्राज्य की जकड़ में दबी हुई यह धरती स्वतंत्रता के लिए तड़प रही थी। इन्हीं परिस्थितियों…

जब अधिक भी कम लगता है

डॉ. तनु जैन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बरेली जितनी बार भी मैं वहाँ जाती हूँ, और जितनी बार लौटती हूँ, हर बार महसूस होता है — यह अब भी पर्याप्त नहीं।…

दीपावली के त्यौहारी मौसम में भारतीय अर्थव्यवस्था को लगे पंख

प्रहलाद सबनानी वैसे तो प्रतिवर्ष ही भारत में धनतेरस एवं दीपावली के शुभ अवसर पर भारतीय नागरिकों द्वारा विभिन्न उत्पादों विशेष रूप से स्वर्ण एवं चांदी के आभूषणों की खरीद…