राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और घोष

नितिन गर्गे, घोष प्रमुख, मध्यभारत प्रांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जब भी पथ संचलन निकलता है, तब घोष उसका सौंदर्य बढ़ाता है। संघ कार्य का यह शताब्दी वर्ष है। इन 100 वर्षों में जिस प्रकार…

क्या स्कूल में ‘श्रमदान’ को कॉर्पोरल पनिशमेंट माना जाना चाहिए?

देवेन्द्र कुमार बुड़ाकोटी देवेंद्र कुमार बुड़ाकोटी देहरादून के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की एक वीडियो हाल ही में इंटरनेट पर वायरल हुई, जिसमें छात्र कुदाल और बाल्टियों की मदद से…

लमथरया पहाड़ियों की भावनाएं

देवेंद्र के. बुडाकोटी देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी कई साल पुरानी बात है, जब हमारे गाँव का एक आम का पेड़ जिसे हम प्यार से लमथरया कहते थे — अपनी अनोखी मिठास और स्वाद…

उत्तराखंड में बोलियाँ, लोक संस्कृति और मौखिक परंपराएं

देवेंद्र के. बुडाकोटी देवेंद्र के. बुडाकोटी बोलियाँ केवल भाषाई भिन्नताएँ नहीं होतीं—वे संस्कृतिक विरासत की संवाहक होती हैं, जो भौगोलिक, सामाजिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों से आकार लेती हैं। इन बोलियों…

माई बाप सरकार और गरीब, महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा

देवेन्द्र कुमार बुड़ाकोटी देवेन्द्र कुमार बुड़ाकोटी चुनाव के समय राजनीतिक दलों के बीच एक आम मुद्दा सामने आता है; बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था. सभी पार्टियाँ नौकरियाँ देने,…

भारत में नैतिकता, नैतिक सिद्धांत और ब्लैकमेलिंग

देवेंद्र कुमार बुड़ाकोटी देवेंद्र के. बुडाकोटी भारत में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ छेड़छाड़ और बलात्कार के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही, विदेशी खुफिया एजेंसियों…

वृद्धाश्रम: भारतीय पारिवारिक संरचना पर संकट

देवेंद्र कुमार बुड़ाकोटी देवेंद्र के. बुडाकोटी उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के हर ज़िले में वृद्धाश्रम खोलने की हालिया घोषणा ने मुझे, एक समाजशास्त्री के रूप में, यह सोचने पर विवश…

लैंसडाउन शहर इतिहास सिखाता है

डी. के. बुडाकोटी जब भी मैं अपने किसी मित्र या सहकर्मी के साथ अपने गृहनगर लैंसडाउन जाता हूँ, तो पहला सवाल यही होता है कि इस शहर का नाम लैंसडाउन…

विज्ञापन क्षेत्र का ‘अ से ज्ञ’ सिखाती है विज्ञापन का जादू

लोकेन्द्र सिंह लोकेन्द्र सिंह (समीक्षक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।) मीडिया शिक्षक डॉ. आशीष द्विवेदी अपनी पुस्तक ‘विज्ञापन का जादू’ में लिखते हैं- “विज्ञापन की दुनिया बड़ी अनूठी…

ठोस कचरा प्रबंधन : निपटान से आगे एक दृष्टिकोण

देवेंद्र कुमार बुदकोटी उत्तराखंड अपनी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs), विशेष रूप से नगरपालिकाओं के माध्यम से बढ़ते ठोस कचरे की समस्या को हल करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा…