स्मृतियाँ कोई जगह नहीं छोड़ती (बेर)

प्रभु जी ने मुझे आँचल थोड़ा बड़ा दे दिया. मुझ फूहड़ से यह संभलता नहीं. कितना भी बचूं कहीं न कहीं उलझ ही जाता है. अब इतना उलझेगा तो धागे…

लम्हे जो समय के बहाव में छूट गए

उसका बचपन एक छोटे से कस्बेनुमा शहर में बीता था। वहीं उसकी पढ़ाई लिखाई हुई थी। उसने अभी-अभी टीन ऐज पार करके युवावस्था में बस कदम रखा ही था और…

चरित्र साधना ही जीवन की सार्थकता

समाज की सुव्यवस्था का आधार उज्ज्वल चरित्र के व्यक्तियों का बाहुल्य माना गया है। सुख-शान्ति और सन्तोष की परिस्थितियां नेक व्यक्तियों के सदाचार से बनती हैं। प्रेम, स्नेह, मैत्री, दया,…

आत्मसत्ता – कुचक्र रचती हैं दुष्प्रवृत्तियाँ

कर्म फलित होने में देर लगाते हैं। जौ बोने के दस दिन में ही उनके अंकुर छः इंच ऊँचे उग आते हैं। किन्तु जिनका जीवन लम्बा है, जो चिर स्थायी…

संजय जोशी के बताए विजय सूत्र पर चलेगी बीजेपी

अंजन साबत नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रतिनिधि सभा की ग्वालियर में संपन्न हुई की बैठक में आने वाले चुनाव को लेकर संजय जोशी को विशेष जिम्मेदारी…