Friday, March 6, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home कुमायूं

हाईकोर्ट का फैसलाः सीबीआई करेगी लापता महंत मोहन दास मामले की जांच

फ्रंटियर डेस्क by फ्रंटियर डेस्क
31/10/25
in कुमायूं
हाईकोर्ट का फैसलाः सीबीआई करेगी लापता महंत मोहन दास मामले की जांच
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नैनीताल। लगभग आठ सालोें से लापता चल रहे महंत मोहन दास से जुड़े मामले में जांच एजेसिंयो का निष्कर्ष तक न पहुंच पाने पर हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए अब प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दे दिए हैं। अदालत ने पाया कि लगभग आठ साल बीत जाने के बाद भी जांच एजेंसी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, जिसके बाद यह फैसला सुनाया गया है।

बता दें कि महंत मोहन दास श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन राजघाट, कनखल के महंत थे और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी थे। बताया जाता है कि वह 16 सितंबर 2017 को हरिद्वार से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस ट्रेन से मुंबई की यात्रा के दौरान लापता हो गए थे। जिसका पता ट्रेन के भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उनके शिष्यों को लगा। जिसके बाद हरिद्वार के कनखल पुलिस स्टेशन में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी। जिसके बाद जांच शुरू तो हुई पर वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

हैरत की बात यह है कि इस दौरान जांच को बार-बार एक जांच अधिकारी से दूसरे को हस्तांतरित किया जाता रहा। यहां तक कि एक बार फाइनल रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसे मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया और फिर से जांच के आदेश दिए। अदालत में महंत की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि निष्पक्ष जांच हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और राज्य एजेंसी की लापरवाही के कारण मामले को सीबीआई को सौंपा जाना आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि न्याय के हित में मामले की जांच सीबीआई को हस्तांतरित करना आवश्यक समझा गया है, ताकि लापता महंत का पता चल सके। अदालत ने राज्य के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एफआईआर से संबंधित अब तक किए गए समस्त जांच रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने का आदेश दिए हैं।

कोर्ट के इस निर्णय के बाद अखाड़े में हलचल मचना तय है। कारण है कि महंत मोहन दास के लापता होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अखाड़े में पहुंचकर मामले की सीबीआई जांच कराने की बात कही थी, जिसे अखाड़े के संतों सिरे से खारिज कर दिया था।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .