नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है. नवरात्रि के दौरान कई भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं. इस दौरान वे सात्विक भोजन करते हैं और तामसिक भोजन से परहेज करते हैं. चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है. इस दौरान, भगवान राम और देवी दुर्गा दोनों की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मनाया जाता है.
पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च दिन शनिवार को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर शुरू हुई थी और 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 बजे तक रही. उदिया तिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 30 मार्च दिन रविवार से शुरू हो गई है और 6 अप्रैल दिन रविवार को रामनवमी के साथ इस नवरात्रि का समापन होगा.
चैत्र नवरात्रि के उपवास में क्या खाएं
- चैत्र नवरात्रि के उपवास में व्रती लोग सभी प्रकार के फल खा सकते हैं.
- आलू, कद्दू, लौकी, खीरा, टमाटर, पालक, गाजर और शकरकंद जैसी सब्जियां खा सकते हैं.
- दूध, दही, पनीर, और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद से बनी मिठाई खा सकते हैं.
- बादाम, काजू, किशमिश, और अखरोट जैसे सूखे मेवे खा सकते हैं.
- कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, और समा के चावल जैसे अनाज खा सकते हैं.
- मूंगफली का तेल, घी, या सूरजमुखी का तेल जैसे तेल खा सकते हैं.
- सेंधा नमक और चीनी खा सकते हैं.
चैत्र नवरात्रि के उपवास में क्या नहीं खाएं
- अनाज: गेहूं, चावल, और दाल जैसे अनाज नहीं खाएं.
- सब्जियां: प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां नहीं खाएं.
- मांस, मछली, और अंडे: मांस, मछली और अंडे का सेवन नहीं करें.
- शराब और धूम्रपान: शराब और धूम्रपान का सेवन नहीं करें.
- मसाले: गर्म मसाले, धनिया पाउडर, और हल्दी पाउडर जैसे मसाले नहीं खाएं.
- तेल: तिल का तेल और सरसों का तेल जैसे तेल नहीं खाएं.
- नमक: साधारण नमक का सेवन नहीं करें.
- दालें: नवरात्रि के दौरान दालों का सेवन भी वर्जित है.
व्रत को पूरा करने के लिए नियम
नवरात्रि के दौरान, सात्विक भोजन ही करें और घर और रसोई को साफ रखें. व्रती लोग नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें और जरूरतमंदों को दान करें. नवरात्रि के उपवास में माता की पूजा में पूरा मन लगाएं और व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. व्रत के समय किसी प्रकार का कोई क्रोध न करें. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उपवास के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें. यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो उपवास रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.