नई दिल्ली l भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने शुक्रवार को देश में अदालतों की कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने कह कि अदालतों की पर्याप्त संख्या होने पर ही न्याय संभव है। इस दौरान उन्होंने ट्रिब्युनल्स में खाली पदों पर भी चिंता जाहिर की औऱ कहा कि न्यायपालिका पर काफी बोझ है। हाल ही में सीजेआई ने कहा था कि न्यायाधीशों की छवि खराब करने का सरकार का नया ट्रेंड है। उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया था।
सीजेआई ने शुक्रवार को तेलंगाना स्टेट ज्युडिशियल कॉन्फ्रेंस 2022 को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, ‘न्यायपालिका का इंफ्रास्ट्रक्चर और रिक्त पदों पर भर्तियां चिंता का मुख्य विषय हैं। न्याय तक पहुंच तब ही संभव है जब हमें पर्याप्त अदालतें मिलेंगी… हमारी न्यायपालिका पहले ही काफी बोझ में है।’
खास बात है कि सीजेआई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सार्वजनिक तौर पर बात करते रहे हैं। इस साल उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद भी रिक्त पद नहीं भरने पर केंद्र से सवाल किया। उन्होंने कहा था कि ऐसा लग रहा है कि नौकरशाही इसे हल्के में लेती दिख रही है। रमण की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था, ‘हम जानना चाहते हैं कि आपका मत क्या है। आखिरी बार आपने कहा था कि कुछ नियुक्तियां हुई हैं। इसके बाद कुछ भी नहीं हो रहा है… नौकरशाही इसे बहुत हल्के में ले रही है। अच्छा होगा कि हम सुनें और आदेश जारी करें।’