उत्तराखंड : AAP के सीएम कैंडिडेट बने कर्नल कोठियाल राजनीति जंग के लिए कितने तैयार!

देहरादून l आम आदमी पार्टी ने आज उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर्नल अजय कोठियाल को सीएम कैंडिडेट के तौर पर उतारने की घोषणा की. वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ करगिल में हुई लड़ाई में भारतीय सेना की तरफ से लड़ चुके कर्नल कोठियाल राजनीति में जुझारू नेतृत्वकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. पार्टी की तरफ से सीएम कैंडिडेट के तौर पर अपने नाम की घोषणा के बाद कर्नल कोठियाल ने कहा कि उन्हें राजनीति नहीं आती, लेकिन चुनौतियों से जूझना आता है. विधानसभा चुनाव में बतौर सीएम कैंडिडेट उतारे जाने को लेकर उन्होंने पार्टी और अरविंद केजरीवाल का आभार जताया.

मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले कर्नल अजय कोठियाल को भारतीय सेना में उनके कार्य के लिए कई सम्मान से नवाजा जा चुका है. कर्नल कोठियाल का जन्म 26 फरवरी 1969 को उत्तराखंड के टिहरी में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा देहरादून के सेंट जोसेफ स्कूल में हुई है. कोठियाल के पिता भी भारतीय सेना में थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें सैन्य-जीवन का अनुभव रहा है. पिता का जहां भी ट्रांसफर होता, परिवार साथ रहता. ऐसे में अजय कोठियाल भी देश के अलग-अलग जगहों पर रह चुके हैं.

अविवाहित हैं कर्नल कोठियाल
सैन्य जीवन को करीब से देखने वाले कर्नल कोठियाल को बचपन से ही इंडियन आर्मी में जाने का शौक था. वर्ष 1992 में वे सेना में अधिकारी के तौर पर शामिल हुए. चौथी गढ़वाल रेजिमेंट में बतौर सैन्य अफसर उन्होंने अपना करियर शुरू किया. कर्नल कोठियाल के बारे में एक रोचक तथ्य यह है कि उन्होंने शादी नहीं की है. देश की सीमाओं की रक्षा के दौरान कोठियाल के कारनामों की लंबी फेहरिस्त है. एक मुठभेड़ के दौरान कर्नल कोठियाल ने 7 आतंकियों को मार गिराया था. इस ऑपरेशन में उन्हें दो गोलियां भी लगी थीं.

करगिल की लड़ाई में भी शिरकत
कर्नल अजय कोठियाल को सेना में उनके कार्यों के लिए की सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उनके साहस और वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल सम्मान दिया है. वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ करगिल में हुई लड़ाई के दौरान वे सेना में बतौर कैप्टन तैनात थे. कर्नल कोठियाल को पर्वतारोहण का भी शौक है. वह भारत और नेपाल की कई चोटियों पर जा चुके हैं.


खबर इनपुट एजेंसी से

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