UP में एक तीर से दो निशाने साधेगी कांग्रेस! खड़गे लड़ सकते हैं यहां से चुनाव

नई दिल्ली: 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी बेहद बुरी हालत से गुजर रही है। हालांकि पार्टी की कमान मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथों में आने के बाद कांग्रेस पार्टी उत्तर भारत का हिमाचल प्रदेश और दक्षिण भारत का कर्नाटक राज्य जीत चुकी है। इसका पूरा श्रेय मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके काम करने के तरीके को दिया जा रहा है। अब मीडिया रिपोर्ट्स में यहा दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे को यूपी से 2024 के रण में उतारने का प्लान बना रही है।

क्यों खड़गे को यूपी से लड़ाना चाहती है कांग्रेस?

कहते हैं कि केंद्र की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है। उत्तर प्रदेश में बीते दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद दयनीय रहा है और बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। दिल्ली की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी यूपी में अपना खोया जनाधार वापस पाए। यह कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बाखूबी समझता है और इसी वजह से पार्टी के कई दिग्गजों को 2024 का चुनाव यहां से लड़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

अंग्रेजी अखबार टॉइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे यूपी की किसी रिजर्व सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल कांग्रेस पार्टी की नजर दलितों के वोट पर है और इसी वजह से पार्टी का थिंक टैंक मल्लिकार्जुन खड़गे को यूपी से चुनावी रण में उतारने का प्लान बना रहा है।

क्या मायावती का दलितों पर जादू हो गया खत्म?

कांग्रेस पार्टी का मानना है कि यूपी में दलितों की नेता कहलाने वाली बीएसपी चीफ मायावती का जादू अब खत्म हो रहा है। ऐसे में दलितों की नेचुरल चॉइस कांग्रेस पार्टी हो सकती हैं। TOI को कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि इसी वजह से यह मल्लिकार्जुन खड़गे को इटावा या फिर बाराबंकी से चुनाव लड़ाने की प्लानिंग की जा रही है।

कांग्रेस पार्टी के इस पदाधिकारी ने टॉइम्स ऑफ इंडिया से आगे कहा कि अगर कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे को इटावा से मैदान में उतारती है तो वो आसपास के जिलों में समाजवादी पार्टी के लिए लाभदायक होगा क्योंकि सपा और कांग्रेस दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक में अपनी परंपरागत सीट और यूपी की एक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

राहुल अमेठी और प्रियंका प्रयागराज से लड़ेंगी चुनाव!

कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि पूर्व कांग्रेस चीफ राहुल गांधी अपनी परंपरागत अमेठी लोकसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल पिछली बार यहां पर स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए थे। वह केरल की वायनाड लोकसभा से चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचे। राहुल गांधी की बहन प्रयंका गांधी को कांग्रेस पार्टी प्रयागराज, फूलपुर या फिर वाराणसी से चुनाव मैदान में उतार सकती है।

कांग्रेस पार्टी के इस नेता ने TOI से कहा कि अगर सोनिया गांधी अपनी सेहत की वजह से रायबरेली से चुनाव लड़ने से इनकार करती हैं तो प्रियंका गांधी निश्चित ही अपनी मां की जगह लेने के लिए एक उपयुक्त विकल्प होंगी। कांग्रेस पदाधिकारियों का दावा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को यूपी से चुनाव लड़ाने का प्लान दलित वोटों को टारगेट करने के लिए बनाया जा रहा है औऱ अगर मायावती इंडिया गठबंधन में शामिल होती भी हैं तो भी कांग्रेस अपना फैसला नहीं बदलेगी।

BSP को इंडिया गठबंधन में शामिल करने पर क्या हैं कांग्रेस के विचार?

यूपी में कांग्रेस के नए चीफ अजय राय ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए यह जरूरी है कि NDA के खिलाफ सभी पार्टियों का एक ही प्रत्याशी हो। बीएसपी को लोगों के सेंटीमेंट का ख्याल रखना चाहिए और इंडिया गठबंधन में शामिल हो जाना चाहिए। कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि अजय राय ने कुछ भी गलत नहीं कहा क्योंकि सभी जानते हैं कि घोसी उपचुनाव में बीएसपी की अपने समर्थकों से घर बैठने या नोटा का बदल दबाने की अपील के बाद भी सिर्फ 1700 मतदातओं ने NOTA का बटन दबाया।

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